कमंलनाथ कैब��नेट की अहम बैठक आज, इन प्रस्तावों को मिल सकती है मंजूरी

Important-meeting-of-Kamalnath-cabinet-today

भोपाल।

मध्यप्रदेश में आज बुधवार को दस बजे मंत्रालय में कमलनाथ कैबिनेट की अहम बैठक बुलाई गई। बैठक में एक दर्जन से ज्यादा अहम प्रस्तावों पर चर्चा की जाएगी है। बैठक में सामान्य वर्ग को 10 फीसदी आरक्षण  और भोपाल-इंदौर में मेट्रो रेल समेत कई प्रस्तावों को मंजूरी मिल सकती है।इसके अलावा और भी कई मुद्दों पर चर्चा की जाएगी। इसमें अनुसूचित जाति और जनजाति वर्ग के लघु उद्यमियों से 30 फीसदी तक खरीदी का प्रस्ताव आ सकता है।  अब तक शाम को हो रही कैबिनेट की बैठक पिछली दो बार से सुबह 11 बजे रखी जा रही है।

खास तौर पर बैठक मे सामान्य वर्ग को 10 फीसदी आरक्षण पर मुहर लग सकती है।  सामान्य वर्ग के जिन लोगों को आरक्षण दिया जाना है, उसका क्राइटेरिया सालाना आय 8 लाख रुपए, 5 एकड़ जमीन और 1200 स्क्वायर फीट तक का मकान तय किया गया है। यदि किसी की जमीन 5 एकड़ से ज्यादा है लेकिन वह बंजर है या पथरीली है तो उन्हें भी आरक्षण का लाभ मिलेगा। 

वहीं भोपाल-इंदौर मेट्रो रेल के लिए होने वाले एमओयू के ड्राफ्ट पर चर्चा कर मंजूरी दी जा सकती है।  खबर है कि सीएम कमलनाथ ने दोनों शहरों में मेट्रो निर्माण के दौरान जमीन अधिग्रहण, पार्किंग और रहवासी क्षेत्रों का आकलन करने के लिए कहा। प्रोजेक्ट के तहत अंडरग्राउण्ड और एलिवेटड सेक्शन की रिपोर्ट तैयार की जा रही है। भोपाल मेट्रो रेल का निर्माण 28 किमी में किया जाना है, जिसकी शुरुआती अनुमानित लागत 6941 करोड़ रुपए है, यह लोन यूरोपियन इन्वेस्टमेंट बैंक से लिया जाएगा। इसी तरह इंदौर मेट्रो परियोजना 31. 5 किमी में प्रस्तावित है, जिसमें 7500 करोड़ की लागत अनुमानित है। यह राशि एशियन डेवलपमेंट और न्यू डेवलपमेंट बैंक से कर्ज के रूप में ली जाएगी। दोनों शहरों के लिए 60 प्रतिशत राशि कंपनी से लिए जाने वाले लोन से और 20 प्रतिशत राशि केंद्र और 20 प्रतिशत राज्य सरकार का हिस्सा होगा। 

इन मुद्दो पर भी होगी चर्चा

-प्रदेश के विकास से जुड़े कई अहम मुद्दों को मिलेगी मंजूरी

-एडवोकेट प्रोटेक्शन एक्ट पर भी होगी चर्चा.

-राज्य सरकार द्वारा विधानसभा में 2019 – 20 के पेश किए बजट के अनुमोदन

-लोकतंत्र सेनानी सम्मान विधेयक

-बार लाइसेंस व्यवस्था में सुधार के सम्बंध में कैबिनेट लेगी फैसला

-अदालतों में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से होने वाली गवाही को मिलेगी वैधता

-भोपाल गैस त्रासदी राहत एवं पुनर्वास विभाग के अंतर्गत अस्थाई पदों पर मिल सकती है स्वीकृति़