मप्र के कई इलाकों में बारिश के साथ गिरे ओले, फसलों को नुकसान

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भोपाल| मध्य प्रदेश में मौसम ने एक बार फिर रुख मोड़ दिया है| प्रदेश में दो-तीन दिनों से अलग अलग क्षेत्रों में बारिश और ओलावृष्टि हुई है| बुधवार के बाद गुरूवार को भी रात में कई जगह हलकी बारिश और बूंदाबांदी हुई है| शहडोल और नरसिंहपुर जिले में सुबह से ही तेज बारिश हुई, वाहन इन जिलों के कई गांवों में देर रात ओले भी गिरे हैं। पलोहाबड़ा, निवावर, सिरश्री के आसपास ओलावृष्टि फसलों को नुकसान हुआ है। वहीं डिडोरी में भी शुक्रवार को सुबह से ही आसमान में बादल छाए हुए हैं। वहीं कई स्थानों पर रिमझिम बारिश हो रही है। 

इसके अलावा भोपाल के आसपास के इलाकों में भी रात को बारिश यही, सतना, मंडला, बालाघाट में बारिश हुई| बुधवार-गुरुवार की रात मालवा निमाड़ के कई जिलों में बारिश और ओले से फसलों का भारी नुकसान हुआ है। उज्जैन में तो करीब एक घंटे हुई तेज बारिश के कारण गेहूं की पूरी फसल आड़ी हो गई है। मौसम विभाग ने उज्जैन सहित आसपास के जिलों में बारिश या ओलावृष्टि की संभावना जताई है। मौसम में आए बदलाव से रात के तामपान में अचानक उछाल आ गया है। सरकार ने फसलों के नुकसान की भरपाई का ऐलान किया है, अधिकारियों को नुकसान के सर्वे के निर्देश दिए हैं| 

इससे पहले बुधवार की रात सागर, गुना, राजगढ़, विदिशा, सीहोर, अशोक नगर, सागर सहित कई जिलों में बारिश होने के साथ ही ओले गिरे। छतरपुर में आकाशीय बिजली गिरने से दो लोगों की मौत हो गई। वहीं सागर में बिजली गिरने से दो महिलाएं झुलस गईं। उन्हें अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। गुरूवार को सतना में सोहावल, सेमरी, पथरोंदा और इटमा में ओले गिरने की वजह से खेतों में खड़ी गेहूं, सरसों और चने की फसल को नुकसान पहुंचा है। बारिश और ओलावृष्टि की वजह से फसलों को कितना नुकसान हुआ है|  

सागर जिले के शाहगढ़ के नारायणपुरा में गुरुवार सुबह 6 बजे बिजली (गाज) गिरने से घर में बर्तन साफ कर रही झूनोबाई अहिरवार (30) और गणेशपुरा गांव में घर में काम कर रही कृष्णाबाई आदिवासी (27) झुलस गईं। हालत गंभीर होने पर कृष्णाबाई को शाहगढ़ से जिला अस्पताल रेफर किया गया है। उधर नरियावली क्षेत्र में सुबह करीब 15 मिनट तक बेर के आकार के ओले गिरने से फसलों को नुकसान हुआ है।

वहीं विदिशा जिले की लटेरी तहसील के तिनस्या, सहित तीन चार गांवों में देर रात हल्के ओले गिरे। वहीं मुरवास, मुरारिया, आनंदपुर में सुबह बारिश हुई, जिससे गेहूं की फसल आड़ी हो गई। गुरुवार शाम को भी आसमान पर बादल छाए रहे।गुनामें बुधवार र रात और गुरुवार सुबह रुक-रुककर बारिश हुई। आरोन और बीनागंज तहसील के कई गांवों में 5-10 मिनट तक चने के आकार के ओले भी गिरे। इससे गेहूं-चना व धनिया की फसल को नुकसान हुआ है। इसके अलावा राजगढ़ जिले के 50 से अधिक गांवों में बुधवार रात को चने के आकार और उससे बड़े ओले करीब 15 मिनट तक बरसे। किसानों का कहना है कि ओलावृष्टि और बारिश से गेहूं की फसल आड़ी हो गई है। सारंगपुर क्षेत्र में पेड़ों में लगे संतरे नीचे गिर गए। चना और धनिया की फसल को भी नुकसान हुआ है। 

मौसम विभाग के अनुसार, राज्य में हवाओं के रुख में आए बदलाव के कारण तापमान में बदलाव आया है। हवाओं का रुख उत्तरी से दक्षिण-पश्चिमी होने से ठंड का असर कम हुआ है और तापमान में उछाल आया है। मौसम साफ होने के साथ धूप खिली है।