प्रशासन में वाकई ‘वक्त आया बदलाव का’

In-reality

भोपाल।

न कोई हड़बड़ी, न फाइलों के ढेर, न कागजों को उलटते पलटते अफसर। सब कुछ सुव्यवस्थित , सलीके से कदम दर कदम चलती प्रक्रिया। वल्लभ भवन मे बदलाव का यह दौर अब साफ तौर पर दिखाई देने लगा है। टीम कमलनाथ के प्रशासनिक मुखिया सुधि रंजन मोहंती के नेतृत्व में प्रशासनिक प्रक्रिया प्रोफेशनल, पहले से ज्यादा जिम्मेदार और लक्ष्यों को तय समय सीमा में निपटाने के प्रति कटिबद्ध दिखाई देती है। 

बुधवार को हुई कलेक्टर कमिश्नर कॉन्फ्रेंस में अधिकारियों ने इस बदलाव को साफ तौर पर महसूस किया। इस कांफ्रेंस में मुख्यमंत्री कमलनाथ और मुख्य सचिव मोहंती ने अधिकारियों को साफ संदेश दे दिया अब टारगेट कागजों पर नहीं बल्कि जमीनी धरातल पर पूरे होते देखने चाहिए। सरकार की हर योजना एक टास्क की तरह पूरी करने के लिए सभी को एक टीम भावना के रूप में काम करना होगा। अधिकारियों ने भी पहली बार देखा कि सीएम हेल्पलाइन, जन शिकायत निवारण, लोक सेवा गारंटी जैसी जोर शोर से प्रचारित किये गये लेकिन समस्याओं को निपटाने में लगभग असफल रहे क्रियाकलापों को न कमलनाथ ने तवज्जो दी ना मोहंती ने।

 कॉन्फ्रेंस से ही पहले लक्ष्य स्पष्ट थे और उन्हें पूरा करने की कार्य योजना भी। शायद यह पहली बार हुआ कि किसी अधिकारी को गलती की वजह से सार्वजनिक प्रताड़ना न झेलनी पड़ी हो। कॉन्फ्रेंस का लब्बोलुबाब यह था कि हम सब जनता की सेवा के लिए बने हुए तंत्र के हिस्से हैं और हमारा सौ फ़ीसदी योगदान ही जनता और प्रदेश की समृद्धि की गारंटी है।वाकई बदलाव का यह दौर अधिकारियो के लिये चमकृत करने वाला था।अब अग्निपरीक्षा तो तब होगी जब जमीनी स्तर पर बदलाव दिखना शुरू होगा।