पुलिस की अमानवीयता, नाबालिग से छेडख़ानी करने वाले पर तीन महीने बाद की एफआईआर

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भोपाल। महिला अपराधों को लेकर राजधानी पुलिस आज संजीदा नहीं है। अधिकारियों की तमाम नसीहतें थाना प्रभारियों पर बेअसर साबित हो रही हैं। पिछले दिनों टीला जमालपुरा पुलिस द्वारा महिला से बदसलूकी का मामला सामने आया था। कल अवधपुरी पुलिस ने नाबालिग से छेडख़ानी की एफआईआर दर्ज करने से साफ इनकार कर दिया। तब पीडि़ता व परिजन डीआईजी इरशाद वली के पास पहुंचे। उनकी फटकार के बाद में पुलिस ने एफआईआर दर्ज करी। पीडि़ता के ताऊ का कहना है कि तीन माह पहले भी आरोपी के खिलाफ आवेदन दिया था। तब भी पुलिस ने कार्रवाई नहीं की थी। 

जानकारी के अनुसार 16 साल की पीडि़ता अवधपुरी थाना क्षेत्र में रहती है। वह दसवीं कक्षा की छात्रा है, जबकि उसके पिता लिफ्ट सुधारने का काम करते हैं। आरोपी रवि राजपूत बिजली कॉलोनी गोविंदपुरा का निवासी है और मैकेनिक है। वह पिछले तीन महीनों से लड़की को परेशान कर रहा था। स्कूल आते और जाते समय उसे परेशान करता था। इस बात की शिकायत लड़की के परिजनों ने तीन महीने पहले थाने में की थी। तब पुलिस ने उनसे शिकायती आवेदन लेकर चलता कर दिया था। आरोपी के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई थी। कल दोपहर को आरोपी लड़की के घर में घुस गया। जहां उसने फरियादिया के साथ में छेडख़ानी की।  विरोध करने पर उसके साथ में मारपीट कर डाली। शोर मचाने पर आरोपी जान से मारने की धमकी और जाति से अपमानित करते हुए मौके से फरार हो गया था।  

– तीन घंटे थाने में बिठाए रहे

पीडि़ता के ताऊ ने बताया कि जब एफआईआर कराने के लिए वह थाना अवधपुरी पहुंचे तो पुलिस ने उन्हें थाने में करीब तीन घंटे बिठाए रखा। एक एएसआई ने उनके साथ में बदसलूकी की। तब वह डीआईजी कार्यालय चले गए। वहां डीआईजी ने उनकी फरियाद को सुना। वहीं कॉल कर अवधपुरी थाने के प्रभारी मांगीलाल भाटी को फटकारा। इसके बाद में उन्हें दोबारा थाने के लिए रवाना किया गया। थाने पहुंचने के बाद में पुलिस ने प्रकरण दर्ज किया। हालांकि सुप्रीम कोर्ट की गाइड लाइन के अनुसार महिला अपराधों में लापरवाही बरतने वाले पुलिसकर्मियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने का सख्त कानून है।