सीएम कमलनाथ के विदेश से लौटने के बाद फिर होंगे IPS के तबादले

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भोपाल। मध्य प्रदेश में नई सरकार लगातार प्रशासनिक और पुलिस सर्जरी कर रही है। हाल ही में 20 आईपीएस अफसरों के तबादले किए गए हैं। इनमें 6 जिलों के एसपी भी बदले गए हैं वहीं कई डीआईजी भी बदले गए हैं। इस वजह से प्रदेश के पांच संदेवनशील डीआईजी रेंज खाली हो गई हैं। कयास लगाए जा रहे हैं मुख्यमंत्री कमलनाथ के विदेश दौरे से वापस लौटने के बाद एक बार फिर आईपीएस तबादले किए जाएंगे। 

दरअसल, प्रदेश के पांच संवेदनशील डीआईजी रेंज हाल ही में ही हुए तबादलों के बाद खाली हो गए हैं। इसमें नक्सल प्रभावित क्षेत्र के साथ ही सिमी आतंकी, दस्यु प्रभावित डीआईजी रेंज शामिल हैं। इस साल के शुरूआत में वर्ष 2001 बैच के आईपीएस अफसर डीआईजी से आईजी बने हैं। पदोन्नति के चलते उज्जैन और रतलाम डीआईजी रेंज खाली हो गई। इन दोनों रेंज के साथ ही चंबल रेंज के डीआईजी सुधीर लाढ़ भी 31 दिसंबर को रिटायर हो गए।  उनके रियटायर होने से ये रेंज भी खाली हो गई। इन तीनों रेंजों के अलावा खरगौन डीआईजी एके पांडे का तबादला किया गया। इसके बाद अगले तबादला आदेश में भोपाल डीआईजी धर्मेंद्र चौधरी की जहग पर बालाघाट डीआईजी इरशाद वली को पदस्थ किया गया। 

पांचों रेज पर रहता है अलर्ट

बालाघाट डीआईजी रेंज नक्सल प्रभावित है। यहां पर हाल ही में एमपी की विधानसभा उपाध्यक्ष हिना कावरे और विधायक संजय उइके को नक्सली धमकी का पत्र मिला था। इस रेंज में फिलहाल डीआईजी को पदस्थ नहीं किया गया है। इसी तरह चंबल रेंज दस्यु प्रभावित क्षेत्र में आता है। सुधीर लाढ़ के रिटायर होने के बाद इस रेंज में भी अब तक नई पदस्थापना नहीं हुई। खरगौन डीआईजी रेंज में सांप्रदायिक तनाव आए दिन होता है। इसी तरह रतलाम डीआईजी रेंज मादक पर्दाथों की तस्करी के लिए जाना जाता है। उज्जैन डीआईजी रेंज में सिमी आतंकियों की गतिविधियां लगातार सामने आती रहती हैं।