जीतू पटवारी को आज मिलेगा फेम इंडिया ‘सर्वश्रेष्ठ मंत्री’ का अवार्ड

भोपाल/नई दिल्ली।

कमलनाथ सरकार में उच्च शिक्षा मंत्री जीतू पटवारी को आज शनिवार को केन्द्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह फेम इंडिया सर्वश्रेष्ठ मंत्री सम्मान प्रदान करेंगे।यह सम्मान व्यक्तित्व, छवि, कार्य क्षमता, प्रभाव, विकास की समझ, लोकप्रियता, दूरदर्शिता, कार्यशैली और ऑउटपुट के आधार पर दिया जा रहा है।यह सम्मान समारोह नई दिल्ली स्थित विज्ञान भवन में आज दोपहर आयोजित किया जाएगा। 

बता दे कि फेम इंडिया पत्रिका तथा एशिया पोस्ट के संयुक्त तत्वाधान में एक सर्वे के आधार पर वर्ष 2019 में देश के 21 उत्कृष्ट मंत्रियों को सम्मानित किया जा रहा है। इसमें व्यक्तित्व, छवि, कार्य क्षमता, प्रभाव, विकास की समझ, लोकप्रियता, दूरदर्शिता तथा कार्यशैली और ऑउटपुट के आधार पर सम्मान के लिए मंत्रियों का चयन किया गया है, जिसमें एमपी के इकलौते मंत्री जीतू पटवारी का नाम शामिल किया गया है।इस अवसर पर केन्द्रीय कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्री डॉ. महेन्द्र नाथ पाण्डेय, केन्द्रीय भारी उद्योग एवं सार्वजनिक उपक्रम मंत्री अरविन्द सांवत और पूर्व लोकसभा अध्यक्ष शिवराज पाटिल विशिष्ट अतिथि के रुप में उपस्थित रहेंगे।

जीतू पटवारी के राजनैतिक करियर पर एक नजर

जीतू पटवारी एमपी के सबसे तेज तर्रार मंत्री माने जाते है। पटवारी कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और इंदौर की राऊ विधानसभा क्षेत्र से विधायक हैं। पटवारी को किसानों के मुद्दे पर लड़ाई लड़ने वाले नेता के रूप में जाना जाता है। विपक्ष में रहते हुए उन्होंने पूर्व सरकार के खिलाफ कई आंदोलन प्रदर्शन किये, वहीं उनकी साईकिल यात्रा भी सियासी गलियारों में चर्चा बनती रही है। उन्होंने पिछली सरकार के समय इंदौर से भोपाल तक साईकिल यात्रा भी की थी, जिसे भी सर्वे में शामिल किया गया है।  सर्वे में माना गया है कि जीतू पटवारी राज्य के युवाओं में लोकप्रिय व्यक्तित्व है| उच्च शिक्षा और खेल मंत्री के तौर पर युवाओं की उन्नति के लिए वे प्रयत्नशील हैं, उन्हें कर्मठ और जमीन से जुड़ा राजनेता भी लोगों ने सर्वे टीम को बताया है।जीतू ने  शराबबंदी, तालाब संरक्षण और किसानों के हितों के मुद्दे उठाकर राजनीति में अपनी अलग पहचान बनाने में सफलता हासिल की है। 

विभिन्न श्रेणी में चुने गए 21 सर्वश्रेष्ठ मंत्रियों की पूरी सूची :-

गुजरात – प्रदीप सिंह जड़ेजा (असरदार)

उत्तर प्रदेश – केशव प्रसाद मौर्य (प्रभावशाली)

महाराष्ट्र – सुधीर मुनगंटीवार (अनुभवी ) 

बिहार – नंद किशोर यादव (सक्रिय)

उत्तराखंड – मदन कौशिक (सरोकार)

झारखंड – सी पी सिंह (कर्मयोद्धा)

असम – हेमंत विस्वा शर्मा (लोकप्रिय)

हिमाचल प्रदेश – महेंद्र सिंह ( क्षमतावान )

हरियाणा – विपुल गोयल (चर्चित)

पश्चिम बंगाल – फरहद हकीम (ऊर्जावान)

दिल्ली – मनीष सिसोदिया (शख्सियत)

केरल – डॉ थामस इस्साक (आदर्श)

पंजाब – मनप्रीत बादल (जागरूक )

सिक्किम – बेदू सिंह पंत (बेजोड़)

उड़ीसा – प्रताप जेना  (कामयाब)

गोवा – विश्वजीत राणे (प्रतिभाशाली)

मध्य प्रदेश – जीतू पटवारी (कर्मठ)

छत्तीसगढ़ – ताम्रध्वज साहू (योग्य)

राजस्थान – रघु शर्मा (कर्त्तव्यनिष्ठ )

अरुणाचल प्रदेश – चाउना मेन (प्रेरक) 

तामिलनाडु – डॉ सी विजय भास्कर (विकासशील)