सिंधिया पर जीतू का बड़ा हमला-‘ग्वालियर-चंबल में जन सेवा के लिए नही गया टाइगर’

भोपाल, डेस्क रिपोर्ट

बीजेपी नेता और राज्यसभा सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया (BJP Leader And Rajyasabha MP Jyotiraditya Scindia) पर कांग्रेस लगातार हमलावर हो रही है। पीसीसी कार्यालय (PCC Office) में पत्रकारों को संबोधित करते हुए पूर्व मंत्री जीतू पटवारी (Jitu Patwari) ने कहा, ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा था सत्ता के लिए नहीं जनसेवा करने की राजनीति (Politics) करते है। लेकिन जनसेवा करने के लिए अब तक चम्बल नहीं गए। लेकिन चुनाव को ध्यान रखते हुए उज्जैन और इंदौर दौरा कर रहे है।

पटवारी ने कहा सिंधिया ने कहा था टाइगर अभी जिंदा है, लेकिन पिछले 5 महीनो से टाइगर ग्वालियर चंबल में जन सेवा के लिए टाइगर नही गया। उन्होंने कहा आज जंगल राज में आज आए है इंदौर उज्जैन के दौरे पर। ज्योतिरादित्य सिंधिया के इंदौर उज्जैन दौरे को लेकर पटवारी ने सवाल उठाए है। उन्होंने कहा कि पहले सिंधिया के घर कांग्रेसी जाते थे अब सिंधिया घर-घर जा रहे है। उप चुनाव में कांग्रेस की वापसी पर भरोसा जताते हुए जीतू ने कहा कि, जिस दिन चुनाव होंगे उस दिन कांग्रेस की वापसी होगी। जनता के बीच बीजेपी के खिलाफ आक्रोश है।

अतिथि शिक्षकों के मुद्दे पर घेरते हुए पटवारी ने कहा 3 महीने मे 28 अतिथि शिक्षकों ने आत्महत्या कर ली है। अतिथि विद्वान, अथिति शिक्षक मुद्दे पर सिंधिया सड़क पर उतरने की बात करते थे। पटवारी ने कहा मैं सिंधिया जी से आग्रह करता हु के वो एक बार तो अतिथि शिक्षकों के लिए सड़क पर आए। उन्होंने कहा बीजेपी में जाने के बाद सिंधिया ने आजतक इस मुद्दे पर शिवराज सिंह चौहान को एक पत्र तक नहीं लिखा। उन्होंने कहा ज्योतिरादित्य सिंधिया के हलक से एक शब्द तक नहीं निकला। उन्होंने ज्योतिरादित्य सिंधिया से कहा कि सिंधिया घर मे क्यों छुपे हो सड़क पर आओ।

मध्यप्रदेश में किसानों को लेकर पटवारी ने कहा, हमारी सरकार ने 25 लाख किसानों का ऋण माफ किया। आज किसानों की संपत्ति कुर्क हो रही है। सरकार किसानों के लिए कुछ नहीं कर रही है। सरकारी विभागों पर निशाना साधते हुए पटवारी ने कहा ज्यादातर सरकारी विभागों मे काम नहीं हो रहा है। मंत्री अपने इलाके मे चुनाव जीतने के लिए घूम रहे है। उन्होंने कहा बीजेपी सिर्फ चुनाव जीतने मे लगी हुई है। भाजपा पर गंभीर आरोप लगाते हुए पटवारी ने कहा कि, वर्तमान की 5 महीने की भाजपा सरकार को सिर्फ दो कारण से जाना जाता है। जिसमे दलितों और बेटियों पर अत्याचार प्रमुख है।