ट्वीट कर बुरे फंसे पटवारी, विवादित टिप्पणी पर बाल संरक्षण आयोग ने मांगा जवाब

भोपाल| पूर्व कैबिनेट मंत्री जीतू पटवारी (Jitu Patwari) के ‘पुत्र के चक्कर में 5 पुत्री पैदा हो गई’ वाले ट्वीट पर बवाल जारी है| भाजपा (BJP) ने जहां पटवारी के इस ट्वीट को लेकर कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए कांग्रेस (Congress) की घेराबंदी की है| वहीं अब इस मामले में राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग (NCPCR) ने बेटियों के संबंध में टिप्‍पणियां करने को लेकर कांग्रेस नेता एवं विधायक जीतू पटवारी से स्‍पष्‍ट‍िकरण मांगा है।

दरअसल, जीतू पटवारी ने केंद्र सरकार पर निशाना साधने हुए ट्वीट कर कहा था कि ‘पुत्र के चक्कर में 5 पुत्री पैदा हो गई! 1-नोटबंदी 2-जीएसटी 3-महंगाई 4-बेरोजगारी 5-मंदी ! परंतु अभी तक “विकास” पैदा नहीं हुआ!”| इस ट्वीट को लेकर पटवारी जमकर ट्रोल हुए, वहीं भाजपा ने मुद्दा लपकते हुए कांग्रेस पर कई आरोप लगाए| मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने तो इस मामले में सोनिया गाँधी से माफ़ी मांगने और पटवारी को पार्टी से बाहर करने की मांग कर डाली| ट्वीट पर मचे बवाल के बाद जीतू ने सफाई दी है| इस बीच अब राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग ने उनसे गुरुवार को सफाई मांगी।

एनसीपीसीआर (The National Commission for Protection of Child Rights) ने कहा कि कांग्रेस नेता के इस ट्वीट ने बेटी के बजाय बेटे को प्राथमिकता देने की सदियों पुरानी गलत सोच का समर्थन किया है। यह टिप्‍पणी कांग्रेस नेता की बेटियों के प्रति मानसिकता और रवैये को भी दर्शाती है। आयोग ने कहा है कि इसी गलत सोच के कारण देश में कन्या भ्रूण हत्या की दर में इजाफा हुआ है। आयोग ने पटवारी को भेजे पत्र में कहा है कि एक नेता का किसी पर राजनीतिक निशाना साधने के लिए नैतिकता का उल्लंघन करना और इससे समाज को होने वाले नुकसान की अनदेखी करना गलत है।

आयोग ने कहा, ‘आयोग आपसे अनुरोध करता है कि आप 24 जून को की गई इस प्रकार की टिप्पणी के लिए कृपया माफी मांगें और आयोग को इस संबंध में तीन दिन में जवाब भेजें।’

ट्वीट कर बुरे फंसे पटवारी, विवादित टिप्पणी पर बाल संरक्षण आयोग ने मांगा जवाब