Kamal-Nath-government-surrounded-by-Vande-Mataram-gave-a-green-signal-to-collective-Surya-Namaskar

भोपाल।

एक तरफ जहां भाजपा का आयोजन मानते हुए राजस्थान की कांग्रेस सरकार ने १२ जनवरी को होने वाले सूर्य नमस्कार पर रोक लगा दी है, वह मप्र में मुख्यमंत्री कमलनाथ ने इसे हरी झंडी दे दी है। खबर है कि वंदेमातरम् पर रोक लगाने के बाद उपजे विवाद के कारण सरकार ने ये फैसला लिया है। कमलनाथ सरकार नही चाहती की वंदेमातरम् की तरह अब सूर्य नमस्कार को लेकर कोई राजनीति हो और बीजेपी को कांग्रेस को घेरने का मौका मिले।

दरअसल, शनिवार को राजस्थान की कांग्रेस सरकार ने 12  जनवरी को किए जाने वाले सामूहिक सूर्य नमस्कार पर रोक लगा दी है। राजस्थान सरकार का मानना है कि यह भाजपा का आयोजन है और अब यहां कांग्रेस की सरकार है।  राजस्थान में रोक लगने के बाद अंदाजा लगाया जा रहा था कि मप्र में भी सामूहिक सूर्य नमस्कार के आयोजन पर रोक लगाई जा सकती है। लेकिन सीएम सचिवालय में इस फाइल को मुख्यमंत्री ने हस्ताक्षर कर चंद घंटों में पहले की तरह ही आयोजन करने की स्वीकृति दे दी।अब मध्यप्रदेश में हर साल की तरह इस साल भी सूर्य नमस्कार किया जाएगा।

खबर है कि वंदेमातरम् विवाद के बाद सरकार डरी हुई है और कोई रिस्क नही लेना चाहती थी। साथ ही कमलनाथ सरकार को डर था कि कही वंदेमातरम् विवाद की तरफ बीजेपी इस पर ना राजनीति करने लगे, इसलिए सहज ही इसे स्वीकृति दे दी। लेकिन अफसरों को अब ये चिंता सता रही है कि इस दिन होने वाला मुख्यमंत्री का भाषण कैसे होगा, चुंकी अब तक पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज ही इस आयोजन मे भाग लेते आए और मंच से सभी को संबोधित भी। अब देखना है कि शिवराज की परंपरा को निर्वाह करते हुए मुख्यमंत्री कमलनाथ भाषण देते है या नही। 

बता दे कि भाजपा ने स्वामी विवेकानंद की जयंती के उपलक्ष्य में इसे वर्ष 2009 में शुरू किया था। प्रदेश के सभी सरकारी और निजी स्कूल- कॉलेजों में योग कराया जाता है। इस दौरान 12 आसन कराए जाते हैं। प्रदेशस्तरीय आयोजन भोपाल में होता था, जिसमें मुख्यमंत्री और केंद्रीय मंत्री शामिल होते रहे हैं। जिला स्तरीय कार्यक्रमों में मंत्रियों सहित जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति अनिवार्य की जाती थी।