‘कर्जमाफी’ को लोकसभा चुनाव में भुनाने की तैयारी, किसानों को ताम्रपत्र देगी सरकार

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भोपाल।

स्वतंत्रता सेनानियों की तर्ज पर अब कमलनाथ सरकार किसानों को ताम्रपत्र देने जा रही है। सरकार ने फैसला किया है कि कर्जमाफी के बाद प्रदेश के किसानों को सम्मान के रुप में ताम्रपत्र दिए जाएंगें। इसमें किसान, बैंक और समिति का नाम और कर्ज की राशि का उल्लेख रहेगा। यह एक प्रकार का प्रमाण भी रहेगा कि जिसमें इसक बात का जिक्र किया जाएगा सरकार ने किसान का कितना बकाया कर्ज माफ किया है। बताया जा रहा है कांग्रेस कर्जमाफी के मुद्दे को लोकसभा चुनाव में भुनाने वाली है। चुंकी विधानसभा चुनाव के दौरान यही वादा कर कांग्रेस ने 15  सालों का वनवास काटा था और अब लोकसभा चुनाव में कांग्रेस इसे हथियार बनाकर मैदान में उतरने की तैयारी कर रही है। 

 दरअसल, कांग्रेस के वादे के मुताबिक प्रदेश में कर्जमाफी की प्रक्रिया शुरु हो चुकी है, अबतक 53 लाख 18 हजार 757 ऋण खाता धारक किसानों में से लगभग 42 लाख 4 हजार 463 किसानों ने ऋण माफी के लिये आवेदन पत्र भरकर प्रस्तुत कर दिये हैं। किसानों द्वारा प्रस्तुत ऋण माफी आवेदनों में से 14 लाख 29 हजार 879 किसानों के ऋण खाते पंच किये जा चुके हैं। जल्द ही किसानों के खाते में राशि डालने की भी कवायद शुरु होगी। इसके बाद सरकार जय किसान फसल ऋ ण मुक्ति योजना में प्रदेश के लाखों कर्जदार किसानों को कर्जमाफी के ताम्रपत्र देगी। इस ताम्रपत्र में किसान, बैंक और समिति का नाम और कर्ज की राशि का उल्लेख रहेगा। यह एक प्रकार का प्रमाण भी रहेगा कि सरकार ने किसान का कितना बकाया कर्ज माफ किया है।हालांकि ताम्रपत्र कैसा होगा यह अभी तय नही हो पाया है। खबर है कि सरकार ने इसके लिए सैंपल मंगवाए है, अगले हफ्ते तक इसे फायनल कर छापने के आदेश दे दिए जाएंगें।इसके पीछे कांग्रेस सरकार का मकसद यह है कि किसानों को उनके हित में उठाया यह कदम हमेशा याद रहे।

शिवराज सरकार में लोकतंत्र सेनानियों को दिए गए थे ताम्रपत्र 

तत्कालीन शिवराज सरकार ने विधानसभा चुनाव से पहले लोकतंत्र सेनानियों को ताम्रपत्र दिए थे। स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों को मिले ताम्रपत्र की तर्ज पर इन्हें सामान्य प्रशासन विभाग ने तैयार करवाया था और जिलों में कलेक्टरों के माध्यम से वितरित करवाया। इसके लिए बजट का इंतजाम भी आनन-फानन में किया गया था।आमतौर पर ताम्रपत्र सम्मान के लिए दिया जाता है। इसका एक मकसद यह भी होता है तो अभिलेख को सुरक्षित रखना भी होता है।इसी की तर्ज पर अब कमलनाथ ने फैसला किया है कि वह कर्जमाफी का लाभ उठाने वाले किसानों को ताम्रपत्र देगी।