खादी को बढ़ावा और लघु उद्योगों को मिलेगा काम, सरकार करने जा रही यह फैसला

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भोपाल। लोकसभा चुनाव से पहले कमलनाथ सरकार का फोकस एमपी में निवेश को लेकर है। इसके लिए सरकार अब एक ऐसा फैसला करने जा रही है जिससे एक तीर से दो निशाने लगेंगे| सरकार प्रदेश में खादी को बढ़ावा देने जा रही है। बीते दिनों ही दिल्ली में एमपी से आए छोटे व्यापारियों ने कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी का ध्यान इस ओर खींचा था। जिसके बाद राहुल गांधी ने सीधे मुख्यमंत्री कमलनाथ को फोन लगाकर इस विषय मे विचार करने को कहा था।  कमलनाथ ने व्यापारियों से मीटिंग फिक्स की और उनकी राय जानी। जिसके बाद फैसला किया है कि प्रदेश सरकार खादी ग्रामोद्योग को बढ़ावा देगी और सरकारी स्कूलों में यूनिफॉर्म बनाकर भेजेगी। इस बात के संकेत कमलनाथ सरकार में सामान्य प्रशासन मंत्री गोविंद सिंह ने दिए है। इस फैसले से खादी को बढ़ावा तो मिलेगा वही कुटीर और लघु उद्योग भी फलेंगे फूलेंगे| 

दरअसल, आजादी के बाद से ही ग्रामीण अर्थव्यवस्था को बढावा देने के लिए खादी की भूमिका महत्वपूर्ण रही है। पिछली सरकार ने भी इसे बढ़ावा देने की बात कही थी। बीते साल कर्मचारियों को भी खादी पहनने  और खरीदने के लिए प्रेरित भी किया गया था। जिसे अब राज्य की कमलनाथ सरकार आगे बढाने जा रही है।खबर है कि मध्य प्रदेश में अब सरकारी स्कूलों में बच्चों को खादी से बनी यूनिफॉर्म देने की तैयारी कर रही है। कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी की पहल पर प्रदेश की कमलनाथ सरकार ने ये फैसला लिया है।कहा जा रहा है कि अगले सेशन से इसकी शुरुआत हो सकती है। पहले सरकारी स्कूलों के प्राइमरी तक के बच्चों को निशुल्क मिलने वाली यूनिफॉर्म खादी की दी जा सकती है। सरकार ने स्कूलों में निशुल्क यूनिफॉर्म खादी की बनाने का फैसला किया। सरकार के इस फैसले से कुटीर और लघु उद्योगों को काम और लोगों को रोज़गार मिलेगा। जो कही ना कही प्रदेश की बेरोजगारी को दूर करने में सहायक होगा।

गौरतलब है कि विधानसभा चुनाव के पहले सरकार ने रोजगार को लेकर युवाओं से बड़ा वादा किया था। इसके लिए युवा स्वाभिमान योजना भी लागू की गई है, जिसमें 100 दिन में युवाओं को रोजगार देने की बात कही गई है। वही हाल ही में मुख्यमंत्री कमलनाथ ने प्रदेश में निवेश को लेकर बड़े उद्योगपतियों से राउंड टेबल पर चर्चा की थी और एमपी में रोजगार लगाने पर छूट की भी बात कही थी। वही दिल्ली में भी पार्टी अध्यक्ष राहुल गांधी ने छोटे व्यापरियों से चर्चा की थी और सुझाव मांगे थे। जिसमें से एक एमपी के व्यापारी ने उन्हें खादी को बढ़ावा देने की बात कही थी, जिसके बाद सरकार ने ये फैसला लिया है। 

खादी ग्रामोद्योग आज़ादी की मूलभावना से जुड़ा है.महात्मा गांधी ने चरखा गांव गांव तक पहुँचाया था। हम बापू की उसी मूल भावना को नयी पीढ़ी तक पहुंचाान चाहते हैं। आज खादी के प्रचार प्रसार की ज़रूरत है।

गोविंद सिंह, सामान्य प्रशासन मंत्री, मप्र