इन विभागों में बड़े बदलाव करने की तैयारी में कमलनाथ सरकार, गुणा भाग का दौर शुरू

Kamal-Nath

भोपाल।

कांग्रेस ने अपना लंबा वनवास काट सत्ता में वापसी कर ली है।सोमवार को कमलनाथ मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगें। कमलनाथ के कामकाज की बागडोर संभालते ही कई विभागों में परिवर्तन के आसार है। ऐसे में पिछली सरकार में प्रमुख विभागों में तैनात रहे अधिकारियों को बदला जा सकता है। कांग्रेस के वचन-पत्र के मुताबिक किसान उनकी प्राथमिकताओं की सूची में सबसे उपर है। इसके बाद उद्योग, स्वास्थय और रोजगार पर भी सरकार की नजर होगी। इसलिए नई सरकार इन विभागों में अधिकारियों को बदल सकती है। 

खबर है कि कमलनाथ सरकार के जिम्मेदारी संभालते ही गृह, जनसंपर्क, उद्योग और सामान्य प्रशासन विभाग में बड़ा बदलाव किया जाएगा। अधिकारियों के बदले जाने के साथ साथ विभागों में भी कई तरह से चेंजेंस किए जाएंगें।यहां अब नए सिरे से पूरी जमावट होगा। साथ ही माना जा रहा है कि 2019 में होने वाले आम चुनावों के मद्देनजर मुख्य विभागों की जिम्मेदारी भी कुछ खास अधिकारियों को इसी महीने सौंपी जा सकती है। पहली बार में ही कमलनाथ 25 से ज्यादा आईएएस अफसरों को इधर से उधर करने की तैयारी है। इसको लेकर अभी से गुणा भाग का दौर शुरू हो गया है।

कहा जा रहा है कि प्रदेश में औद्योगिक निवेश के जरिए रोजगार को बढ़ावा देने मुख्यमंत्री के भरोसेमंद अफसर को उद्योग विभाग में तैनात किया जाएगा। जिला और संभाग स्तर पर छोटे-छोटे उद्योग का जाल बिछाकर स्थानीय युवाओं को रोजगार मुहैया कराया जा सकता है। चुंकी अपने घोषणा पत्र में युवाओं को रोजगार देने और उनके लिए प्रदेश में अपार संभावनाएं होने की बात कही गई है, हालांकि इसके लिए कांग्रेस को रोडमैप बनाकर काम होगा। वहीं, जनसंपर्क विभाग भी कांग्रेस के निशाने पर है। जनसंपर्क विभाग के प्रमुख सचिव एसके मिश्रा द्वारा संविदा नियुक्ति से इस्तीफा देने से मप्र माध्यम के प्रबंध संचालक का पद भी रिक्त हो गया है, जिसे जल्द ही भरा जाएगा। वही गृह विभाग में भी बड़े पैमाने पर बदलाव की संभावना जताई है। यहां के प्रमुख सचिव मलय श्रीवास्तव को दूसरी बड़ी जिम्मेदारी मिलना तय माना जा रहा है। अपर मुख्य सचिव प्रभांशु कमल को भी अहम जिम्मेदारी मिलेगी। उन्हें शिवराज सरकार में चिकित्सा शिक्षा विभाग से हटाकर सामान्य प्रशासन विभाग में पदस्थ कर दिया था।कहा जा रहा है कि कांग्रेस और कमलनाथ सरकार का फोकस अब सीधा 2019 में होने वाले लोकसभा चुनाव को लेकर है, ऐसे में बदलाव होना तय है।