सीएम के बयान पर बोले कमलनाथ- इसकी सच्चाई अस्पतालों से पता की जा सकती है

कमलनाथ

भोपाल, डेस्क रिपोर्ट। एक तरफ मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान (CM Shivraj Singh Chauhan) ने दावा किया है कि पहले प्रदेश (Madhya Pradesh) में ऑक्सीजन (Oxygen) की उपलब्धता 60 MT थी, जिसे 3 गुना बढ़ाया गया है, जिसके बाद अब अस्पतालों में ऑक्सीजन की उपलब्धता 180 MT है, जो कि पर्याप्त है। वही दूसरी तरफ पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ (Kamal Nath) ने इस दावे पर सवाल उठाते हुए कहा है कि मप्र(MP) में ऑक्सीजन की कमी है, इसकी सच्चाई अस्पतालों (Hospital) से पता की जा सकती है।

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दरअसल, कमलनाथ ने ट्वीट कर लिखा है कि वर्तमान में प्रदेश (Madhya Pradesh) में ऑक्सीजन की आपूर्ति व डिमांड में काफ़ी अंतर है, इसकी सच्चाई अस्पतालों से पता की जा सकती है। प्रदेश में कई लोगों ने ऑक्सीजन की कमी से अपनो को खोया है।वही रेमडेसिविर इंजेक्शन (Remedicivir Injection) को लेकर अभी भी लोग घंटो भटक रहे है ? तस्वीरें रोज़ सामने आ रही है ?

कमलनाथ ने ट्वीट कर लिखा है कि और हमारे मुख्यमंत्री से लेकर तमाम ज़िम्मेदार रोज़ झूठी बयानबाज़ियाँ कर रहे है कि प्रदेश में ऑक्सिजन की कोई कमी नहीं है , रेमड़ेसिविर इंजेक्शन की कोई कमी नहीं है ,झूठे प्रजेंटेशन दिये जा रहे है , हवा- हवाई दावे किये जा रहे है ?बेहतर हो झूठ परोसने की बजाय , सच्चाई स्वीकार कर प्रदेश में ऑक्सिजन की आपूर्ति बढ़ाने के व रेमड़ेसिविर इंजेक्शन की उपलब्धता करवाने के तत्काल ठोस प्रयास हो।

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इसके पहले शनिवार को कमलनाथ ने ट्वीट कर लिखा था कि मै सरकार से माँग करता हूँ कि उनके परिवार को कोरोना वारियर्स योजना का लाभ प्रदान करते हुए उनकी हर संभव मदद की जावे।एक वर्ष पूर्व मार्च में देश भर में लॉक डाउन इसलिये लगाया गया था क्योंकि कोरोना से निपटने को लेकर हमारी स्वास्थ्य सेवाएँ संबंधी तैयारियाँ अधूरी थी , हमें कोरोना से लड़ने के सारे इंतज़ाम करना थे , जबकि कांग्रेस की सरकार गिराने के लिये व नमस्ते ट्रम्प के आयोजन के लिये वह निर्णय।

कमलनाथ ने ट्वीट लिखा था कि सरकार पूरी तरह से फैल साबित , शिवराज सरकार ने एक वर्ष में भी सिर्फ़ झूठ परोसने के अलावा कुछ नहीं किया ? अभी भी कोरोना से निपटने की कोई ठोस कार्ययोजना नहीं , एक वर्ष बाद भी मुख्यमंत्री समाधान की बजाय सुझाव माँग रहे है ?यह है शिवराज सरकार में एक वर्ष बाद भी प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति और वास्तविकता ?