कमलनाथ बोले, ‘हम चुनाव बाद वापस लौटेंगे, दिग्विजय अच्छे दोस्त’

भोपाल। कोरोना संकट (Corona Crisis) के बीच पूर्व मुख्यमंत्री एवं कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ (Kamalnath) रविवार को वीडियो कॉन्फ्रेंस (Video Confrence) के माध्यम से मीडिया से मुखातिब हुए| इस दौरान कमलनाथ ने खुलकर कई मुद्दों पर चर्चा की और पत्रकारों के सवालों के जवाब दिए| कमलनाथ ने कहा कि प्रदेश की अर्थव्यवस्था चौपट हो चुकी है। जो मजदूर आज प्रदेश में.लौट रहा है। उन मजदूरों के चेहरे देखिए 17 साल 18 साल 20 साल के नौजवान हजारों किलोमीटर पैदल चल कर आ रहे हैं। 15 साल तक क्या नहीं सोचा गया कि यह छोटे-छोटे बच्चे प्रदेश के बाहर जाने के लिए क्यों मजबूर हो रहे हैं ? क्यों इन हाथों को मध्यप्रदेश काम नहीं दे पाया। मैं जब तक रहा मैं हमेशा रोजगार के सृजन की बात करता था मैं हमेशा कोशिश करता था कि हमारा युवा जो जितना पढ़ा लिखा हो उसको योग्यता अनुसार मध्यप्रदेश (Madhya pradesh) में काम मिले क्या आज सरकार इस बात की चर्चा कर रही है ।

कमलनाथ ने पत्रकारों से कहा कि यह सच है कि विगत डेढ़ वर्ष में मैं आपको अधिक समय नहीं दे पाया क्योंकि मैं मध्य प्रदेश की प्रोफाइल, उसका चेहरा बदलना चाहता था। मैं चाहता था कि मध्य प्रदेश हॉर्टिकल्चर की राजधानी बने। मैं जिन गौशालाओं को बना रहा था वे अत्याधुनिक बनें ,जो बन गईं हैं उन्हें आप जाकर देख भी सकते हैं । मेट्रो का कार्य तेजी से हो जो लगभग 10 साल से चींटी की चाल से रेंग रहा था ।मैंने कोशिश की कि मध्यप्रदेश में माफिया राज खत्म हो और हमारे बच्चे के भोजन में मिलावट का जहर ना हो इसलिए हमने शुद्ध के लिए युद्ध चलाया । उन्होंने कहा कि हमारी सरकार ने जो काम किए हैं वह जमीन पर हैं उन्हें आप आरटीआई लगाकर कभी भी जानकारी ले सकते हैं । हमारी सरकार ने कागजी घोषणा नहीं कीं। हमने किसान का कर्जा माफ किया तो किया वह कागजों पर नहीं जमीन पर है । उन्होंने कहा पहले चक्र में हमने 20 लाख 20हजार किसानों का कर्जा माफ किया ।दूसरे चक्र में हमारे सामने समस्या थी ।कई किसानों के चार चार खाते थे कई किसानों के आधार कार्ड से मिलान नहीं हो रहे थे कई किसान इनकम टैक्स देते हैं उन सबको हमारी की योजना के तहत छांटना था क्योंकि वह पात्र नहीं थे ।इसलिए हमें दूसरे चक्र में समय लगा लेकिन हमने दूसरे चक्र में 6 लाख किसानों का कर्जा माफ किया परफॉर्मिंग असेट्स का और चालू खाते का ।तीसरे चक्र में हमने तय किया था कि वित्तीय वर्ष बदल जाए इसलिए 1 जून से हमने बचे हुए किसानों का कर्ज माफ करने का फैसला लिया था। आज यह जिम्मेदारी शिवराज सरकार की है कि वह किसानों के इस कर्ज को माफ करें या साफ-साफ कहें कि वह माफ नहीं करेगी

दिग्विजय और हम अच्छे दोस्त, हमेशा रहेंगे
कमलनाथ से जब यह पूछा गया कि जो विधायक छोड़कर गये वे नाराज थे, उनके काम नहीं होते थे तो उन्होंने कहा मेरे पास एक एक विधायक का हिसाब है कितने काम हुये कितने उन्होने पत्र लिखे । वे झूठ बोल रहे हैं जो विधायक प्रलोभन में गया है वह यह तो कहेगा नहीं कि प्रलोभन से गया है इसलिये ऐसी बात कर रहे.है। उन्होंने कहा हमारी सरकार लौट रही है चुनाव तो होने दीजिये। कमलनाथ ने कहा कि मुझसे जजमेंट में गलती हुई जो भरोसा मुझे था वही भरोसा दिग्विजय सिंह को भी था। उन्होने कहा हम अच्छे दोस्त थे, हैं और आगे रहेंगे। भाजपा के दुष्प्रचार का हमारी एकता पर कोई असर नहीं है।

28 जनवरी को पहली बार कोरोना की जानकारी कलेक्टर को दी
जब कमलनाथ से यह पूछा गया कि आपकी सरकार ने कोरोना से लड़ने के लिए क्या किया तो उन्होंने कहा कि मुंह चलाने की राजनीति का समय अब चला गया है घोषणा करने वाले यह तो बताएं कि घोषणाओं की डिलीवरी क्या है ? जिन बच्चों को प्रदेश में लाया गया है उनसे किराया वसूला जा रहा है लेकिन घोषणा तो हुई थी कि मुफ्त लाया जाएगा यह सब बातें देखने की हैं । हमारी सरकार ने 28 जनवरी को पहली बार कोरोना से संबंधित जानकारियां जिला कलेक्टर को दीं 31 जनवरी को जब दुनिया में कोविड-19 को विश्व स्वास्थ्य इमरजेंसी घोषित किया गया। हमारी सरकार काम में जुट गई । हमने 3 फरवरी को बैठक की 6 फरवरी को बैठक की 13 फरवरी को बैठक की और हमने फैसले किए ,104 सेवा शुरू की माल स्कूल कॉलेजों को बंद किया ।विदेशी लोगों के आने पर जांच करने और 14 दिन क्वेरेनटीन करने का प्रावधान किया। उन्होंने कहा मैं आपको बताना चाहूंगा कि 12 मार्च को विश्व स्वास्थ्य संगठन ने कोविड-19 को विश्व महामारी घोषित किया । 13 मार्च को मैंने स्वयं बैठक ली और जो फैसले किए वह आप स्वयं देख सकते हैं ।

आरटीआई लगाए सच्चाई सामने आ जाएगी
एक प्रश्न के उत्तर में कमलनाथ ने बताया कि शिवराज सरकार ने बीमा खाते पर जो पैसा जमा किया है वह 2017-18 वित्त वर्ष का था जिसे यह खुद भुगतान करके नहीं गए थे ।वह तो इनकी जिम्मेदारी थी । यह सारी जानकारियां आप पत्रकार गण हैं वित्त विभाग में आरटीआई लगाकर मंगा सकते हैं आपको पता लग जाएगा कौन सच बोल रहा है कौन झूठ बोल रहा है कमलनाथ ने कहा कि हमने 17% डीए कर्मचारियों को दिया था उसका हाल इस सरकार ने क्या किया है ? रोक दिया है।