कमलनाथ सरकार : एमपी में इस जिले को मिलेगा सबसे ज्यादा ‘कर्जमाफी’ का फायदा

Kamal-Nath-Sarkar--This-district-will-get-the-maximum-benefit-of-'debt-waiver'-in-MP

भोपाल।

लंबे अंतराल के बाद कांग्रेस सरकार बनने जा रही है, कमलनाथ मुख्यमंत्री के रुप में शपथ लेने वाले है।इसी के साथ दस दिन में किसानों की कर्ज माफी का भी वादा पूरा होने के आसार है। खबर है कि कमलनाथ मुख्यमंत्री पद की शपथ लेते ही किसानों के कर्जमाफी के बारे में कुछ बड़ा ऐलान कर सकते है। वही कर्जमाफी को लेकर अधिकारियों की तैयारियां पूरी हो चुकी है, बस उसे लागू करने की देर है। इनमें सबसे बड़ी कर्जमाफी खरगोन जिले के किसानों को मिलने की उम्मीद है। साथ ही सबसे ज्यादा फायदा इंदौर संभाग को मिल सकता है ।

दरअसल, प्रदेश में किसानों को खेती के लिए अल्पावधि कर्ज सवा 4 हजार से ज्यादा प्राथमिक कृषि साख सहकारी समितियों के माध्यम से जिला सहकारी बैंक देते हैं। करीब 34 लाख किसानों को 38 जिला बैंकों के माध्यम से सवा 18 हजार करोड़ का कर्ज बांटा है। ऐसे में  सबसे ज्यादा कर्ज खरगोन में  सहकारी बैंक का ढाई हजार करोड़ रुपए से ज्यादा बंटा है। 31 अक्टूबर तक जोड़ा जाए तो सहकारी बैंकों के किसानों पर 18 हजार करोड़ रुपए से ज्यादा का कर्ज है, जो की अन्य जिलों की तुलना में सबसे ज्यादा राशि है। इसके साथ ही इंदौर संभाग में भी करीब छह लाख से ज्यादा किसान है जिनकी कर्ज माफी होना है। यहां इन किसानों द्वारा पांच जिला सहकारी केंद्रीय बैंकों करीब सवा छह हजार करोड़ रुपए से अधिक का कर्ज लिया हुआ है।हालांकि कांग्रेस चालू कर्ज की माफी करती है या फिर यूपीए सरकार के समय कर्ज माफी और राहत योजना में प्रोत्साहन देने का जो प्रावधान था, वैसा ही प्रदेश में किया जाता है।ये देखने वाली बात होगी। 

इन संभागों पर इतना कर्जा

वही संभाग स्तर से जबलपुर में दो हजार 333 करोड़, ग्वालियर में एक हजार 650 करोड़, इंदौर में छह हजार 300 करोड़, भोपाल में चार हजार 497 करोड़, रीवा में 830 करोड़, सागर में एक हजार 247 करोड़ और उज्जैन संभाग के सहकारी बैंकों ने पांच हजार 123 करोड़ रुपए से ज्यादा रिकवरी की मांग निकली है।इसमें तीन हजार करोड़ रुपए से ज्यादा की वसूली हो चुकी है। 

मुख्यमंत्री के सामने प्रस्तुत होगा प्रस्ताव

कृषि और सहकारिता विभाग ने पंजाब, कर्नाटक, उत्तर प्रदेश और महाराष्ट्र के मॉडल का अध्ययन कर रिपोर्ट तैयार की है। इसमें सभी संभावनाओं को शामिल करते हुए निर्णय के लिए प्रस्ताव बनाए गए हैं। इन्हें मुख्यमंत्री के सामने प्रस्तुत किया जाएगा।इसके बाद कट ऑफ डेट, पैमाने और प्रक्रिया तय होगी। माना जा रहा है कि दस दिन के भीतर कर्ज माफी के प्रशासनिक आदेश जारी हो जाएंगे।

2 लाख तक का कर्जा होगा माफ

कर्जमाफी के ब्लूप्रिंट में 2 लाख तक का कर्जा माफ करने की योजना है। कर्जमाफी के दायरे में सहकारी और राष्ट्रीयकृत बैंक दोनों आएंगे। कर्जमाफी का फायदा ओवरड्यू और समय पर लेनदेन करने वाले किसानों को कर्ज खाते में वर्तमान कर्जराशि के आधार पर माफी मिलेगी। कर्जमाफी से राज्य पर करीब 60 हजार करोड़ रुपए का वित्तीय भर आएगा। कर्जमाफी के ब्लूप्रिंट में माफी के लिए राशि जुटाने का जरिया भी शामिल है।

तीन राज्यों में कांग्रेस सफल, लोकसभा में भी बनेगा मुद्दा ?

राजस्थान, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, तेलंगाना और मिजोरम विधानसभा चुनाव में कांग्रेस ने किसानों का मुद्दा भुनाया और सफलता मिली| छत्तीसगढ़ में जहां कांग्रेस को स्पष्ट बहुमत मिला है, वहीं मध्य प्रदेश और राजस्थान में सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है| पिछले करीब दो साल के आंकड़ें देखें तो जब-जब जिस भी पार्टी ने किसानों के कर्ज माफी का वादा किया है, उसने चुनाव में बाजी मारी है। ऐसे में सवाल यह उठता है कि क्या किसानों के कर्ज माफी का वादा पार्टियों को जीत का गारंटी बन गया है। अगर ऐसा है तो 2019 के लोकसभा चुनाव में भी किसानों का ही मुद्दा सबसे बड़ा मुद्दा रहने वाला है।  

कांग्रेस पर टिकी सबकी नजर

ऐसे में सबकी नजर अब कांग्रेस और होने वाले 18 वें मुख्यमंत्री कमलनाथ पर टिक गई है। चुंकी किसानों पर जो कर्ज है वह सहकारी बैंक, राष्ट्रीयकृत बैंक, ग्रामीण विकास बैंक और निजी बैंकों का है। वहीं, प्रदेश के 21 लाख किसानों पर करीब 20 हजार करोड़ का कर्जा है, लेकिन इसे अदा नहीं किया है। उसमें डूबत कर्ज को माफ करने के साथ नियमित कर्ज पर लगभग 25 हजार रुपए प्रोत्साहन दिया जाएगा। वहीं बीजेपी की भी नजर कर्जमाफी के वचन पर है। शिवराज सिंह चौहान कई बार यह दोहरा चुके हैं कि कांग्रेस अपने वचन को याद रखे और दस दिन में कर्ज माफ़ी करे। वहीं पूर्व वित्तमंत्री जयंत मलैया ने भी कर्जमाफी पर सवाल उठाते हुए शंका जाहिर की है कि अगर कर्जमाफी हुई तो वित्तीय हालात बिगड़ेंगे।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here