VD का पलटवार-पहले खुद पर उठ रहे सवालों का जवाब दे कमलनाथ

भोपाल।

मुख्यमंत्री कमलनाथ द्वारा सर्जिकल स्ट्राइक पर सवाल उठाने के बाद सियासत गर्मा गई है। बीजेपी लगातार कमलनाथ के बयानों पर पलटवार कर रही है।अब बीजेपी के नए प्रदेशाध्यक्ष वीडी शर्मा ने पलटवार किया है। शर्मा ने कमलनाथ से सवाल करते हुए कहा है कि कानून व्यवस्था क्यों चौपट हो गई हे, रेत माफिया बेलगाम क्यों है, किसानों की कर्जमाफी क्यों नहीं हो सकी और युवाओं को बेरोजगारी भत्ते के लिए कब तक इंतजार करना पड़ेगा, पहले मुख्यमंत्री जी इनका जवाब दे।

वीडी शर्मा ने आगे कहा है कि सर्जिकल स्ट्राइक का क्या असर हुआ, इसके क्या परिणाम हुए इसके बारे में पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ही काफी कुछ बता चुके हैं। कांग्रेस नेताओं को छोड़कर देश की जनता भी सर्जिकल स्ट्राइक भलीभांति जानती है। बेहतर होगा यदि मुख्यमंत्री कमलनाथ सर्जिकल स्ट्राइक पर सवाल उठाने से पहले उन सवालों के जवाब दे देते, जो 1984 के सिख नरसंहार में उनकी भूमिकाओं को लेकर उठते रहे हैं। उन सवालों के जवाब दे देते जो प्रदेश की दुर्दशा को लेकर जनता उन से पूछ रही है

विष्णुदत्त शर्मा ने कहा कि मुख्यमंत्री कमलनाथ द्वारा सर्जिकल स्ट्राइक के बारे में सवाल करना उनकी मजबूरी थी, क्योंकि न तो उनकी पार्टी कांग्रेस में सब कुछ ठीक चल रहा है और न ही उनकी सरकार के पास बताने के लिये कोई उपलब्धियां हैं। उन्होंने कहा कि बेहतर होता यदि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार से सवाल करने की बजाय मुख्यमंत्री कमलनाथ लोगों को यह समझाने का प्रयास करते कि प्रदेश में अराजकता का वातावरण क्यों है, कानून व्यवस्था क्यों चौपट हो गई हे, रेत माफिया बेलगाम क्यों है, किसानों की कर्जमाफी क्यों नहीं हो सकी और युवाओं को बेरोजगारी भत्ते के लिए कब तक इंतजार करना पड़ेगा।

क्या कहा था सीएम कमलनाथ ने
कमलनाथ ने कहा था कि पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने 90 हजार पाकिस्तानी सैनिकों को आत्मसमर्पण कराया था। इसे लेकर कोई नहीं बोलता। ये कहते हैं कि मैंने सर्जिकल स्ट्राइक की। कौनसी सर्जिकल स्ट्राइक की? कैसे सर्जिकल स्ट्राइक की? देश को कुछ तो बताइए इस बारे में।अपने बयान पर कायम रहते हुए उन्होंने फिर कहा कि सर्जिकल स्ट्राइक पर ना तो कोई आंकड़े हैं और ना ही कोई फोटो हैं केवल मीडिया में ही इसका शोर है।हमारी आर्मी, एयरफोर्स कोई फेक काम नहीं करती, लेकिन जानकारी तो दें।