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भोपाल।

किसान कर्जमाफी का वादा लेकर सत्ता में आई कांग्रेस आज इसका लाभ देने के लिए मैदान में उतारेगी।१५ जनवरी से एक साथ पूरी सरकार, विधायक और पार्टी पदाधिकारी किसानों के फार्म भरवाने की शुरुआत करेंगे। मुख्यमंत्री कमलनाथ खुद भोपाल के किसानों से मुलाकात कर इस योजना की शुरुआत करेंगें।वही मंत्री, विधायक और कांग्रेस नेता जिलों में मोर्चा संभालेंगे। पंचायतों में किसानों की हरे और सफेद रंग की सूचियां चिपकाई जाएंगी। इसके बाद २२जनवरी से किसानों के खाते में पैसा पहुंचाया जाएगा।कांग्रेस की कोशिश है कि चुनाव से पहले ज्यादा से ज्यादा किसानों को कर्जमाफी का लाभ दिया जा सके, ताकि लोकसभा चुनाव में इसका फायदा पार्टी को मिले।

सोमवार को मंत्रालय में वीडियो कॉफ्रेंस के माध्यम से सभी संभागायुक्तों तथा कलेक्टर्स को मुख्य सचिव  एस.आर. मोहंती ने निर्देश देते हुए कहा कि मुख्यमंत्री फसल ऋण माफी योजना के आवेदन पत्र ग्राम पंचायत स्तर पर 15 जनवरी की स्थिति में अनिवार्यत: उपलब्ध हों।  समस्त ग्राम पंचायतों में 18 जनवरी तक हरी और सफेद सूचियाँ चस्पा होना सुनिश्चित किया जाये।योजना के तहत 22 फरवरी से किसानों को भुगतान होना है। जिला स्तर पर सभी गतिविधियों का संचालन समय सीमा में सुनिश्चित किया जाये। इस संबंध में उन्होंने दूर-दराज के जिलों डिण्डौरी, अलीराजपुर, सिंगरौली, श्योपुरकलां, के कलेक्टरों से विशेष रूप से बातचीत कर आवेदन-पत्र प्राप्त होने संबंधी जानकारी प्राप्त की।  

लापरवाही बर्दाश्त नही की जाएगी

मुख्य सचिव की बैठक में कृषि विभाग के अधिकारियों ने योजना से जुड़ी पूरी प्रक्रिया बताई। इस दौरान उन्होंने दो-टूक कहा कि कल मैं यह नहीं सुनूंगा कि फार्म पंचायतों में पहुंचे या नहीं। इस काम को चुनाव की तरह लें और निगरानी भी वैसी ही करें। उज्जैन में कलेक्टर और कमिश्नर के खिलाफ कार्रवाई सिर्फ इसलिए हुई कि वे पूर्वानुमान लगाने में असफल रहे। कर्जमाफी योजना में किसी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। मैं यह नहीं सुनना चाहूंगा कि फार्म ग्राम पंचायत पहुंचे या नहीं।

हिन्दी में होंगें किसानों की नाम और रिकॉर्ड

प्रमुख सचिव किसान कल्याण डॉ. राजेश राजौरा ने योजना क्रियान्वयन के संबंध में प्रस्तुतिकरण दिया। उन्होंने बताया कि प्रदेश में 26 बैंकों की 7 हजार 500 शाखाओं के माध्यम से योजना का क्रियान्वयन किया जायेगा। ऑफ लाईन आवेदन पत्र हरे, सफेद तथा गुलाबी आवेदन-पत्रों में भरे जायेंगे, जो पर्याप्त मात्रा में जिलों में भेजे जा चुके हैं। इनका ग्राम पंचायतवार समुचित वितरण सुनिश्चित किया जाये। हरे आवेदन पत्र प्राप्त करते समय नोडल अधिकारी आवश्यक रूप से हरी सूची के सरल क्रमाँक आवेदन पर लिखना सुनिश्चित करें। चालीस लाख किसानों के नाम [email protected] पर अपलोड किये जा रहे हैं। मंगलवार 15 जनवरी से ग्राम पंचायतवार तथा शाखावार हरी और सफेद सूचियों को पोर्टल से डाउनलोड कर चस्पा करने की प्रक्रिया बनाई गई है। प्रति दिन ग्रामवार तथा शाखावार प्राप्त होने वाले आवेदनों की स्थिति की समीक्षा की जायेगी। उन्होंने निर्देश दिये कि प्रदर्शित की जाने वाली सूचियों में कृषकों के नाम हिन्दी में ही दर्ज हों। आवेदन प्राप्त होने के साथ-साथ उनको रिकार्ड में दर्ज करने का कार्य सुनिश्चित किया जाये। वीडियो काँफ्रेंस में संभागायुक्त तथा कलेक्टर से योजना के क्रियान्वयन के संबंध में सुझाव भी प्राप्त किए गये।

18 जनवरी तक चस्पा हो जाएगी सूची

कृषि विभाग के अधिकारियों ने बताया कि सोमवार से पंचायतों में किसानों की सूचियां लगने लगेंगी। यह काम 18 जनवरी तक पूरा हो जाएगा। इसके साथ-साथ कर्जमाफी के आवेदन पत्र भरवाने भी शुरू हो जाएंगे। 26 जनवरी को ग्रामसभा में आवेदन पत्रों की जानकारी दी जाएगी। पांच फरवरी तक आवेदन पत्र लिए जाएंगे। इसके साथ मोबाइल नंबर, खाता क्रमांक, रकबे की जानकारी आदि देनी होगी।

आचार संहिता से पहले मिले किसानों को लाभ 

कर्जमाफी की घोषणा पर आचार संहिता का पेंच लग सकता है। राज्य सरकार ने पात्र किसानों की तलाश के लिए 22 फरवरी तक का कार्यक्रम जारी कर दिया है। इसमें कहा गया है कि 21 फरवरी को पात्र किसानों की संख्या के हिसाब से जिलों में फंड ट्रांसफर होगा और 22 फरवरी से खातों में पैसा जाना शुरू हो जाएगा। सूत्रों का कहना है कि योजना को लोकसभा चुनाव की आचार संहिता लागू होने के पहले पंचायत स्तर पर पहुंचाने की रणनीति बनाई गई है। इस काम में सरकारी तंत्र के साथ पार्टी भी जुटेगी।