कमलनाथ के मंत्री की सलाह- सड़क पर न उतरे ‘महाराज’

भोपाल।
कांग्रेस के दिग्गज नेता ज्योतिरादित्य सिंधिया के टीकमगढ में अतिथि शिक्षको के समर्थन में ‘सड़कों पर उतरने’ वाले बयान पर सियासत गर्मा गई है। कमलनाथ सरकार में कैबिनेट मंत्री गोविंद सिंह ने उन्हें सड़कों पर ना उतरने की सलाह दी है। गोविंद सिंह का कहना है कि सिंधिया प्रदेश के नेता है और ऐसे उन्हें सड़कों पर उतरने की जरुरत नही है।

आज मीडिया से चर्चा करते हुए गोविंद सिंह कहा कि सिंधिया प्रदेश के नेता है उन्हें सड़क पर उतरने की जरूरत नहीं है। पार्टी में बैठकर मुख्यमंत्री से चर्चा करके अपनी प्रदेश की वित्तीय हालत देखते हुए कदम उठाएं।।अतिथि विद्वान कोई नियमित कर्मचारी के लिए नहीं रखे गए थे, टेंपरेरी रखे गए थे,।नियमित जब होंगे जब नियमों का पालन करेंगे।

वही उन्होंने दिल्ली चुनाव में मिली करारी हार के बाद कांग्रेस पार्टी के वरिष्ठ नेताओं को मानसिकता बदलने की सलाह दी।उन्होंने कहा दिल्ली की हार पार्टी के संगठन की कमजोरी है। यह स्थिति अच्छी नहीं। सीनियर नेताओं को दिल्ली में बैठने के बजाय गांव में उतरना चाहिए । अपनी मानसिकता बदलनी चाहिए ।मध्य प्रदेश में सरकारी कर्मचारियों की ईपीएफ कटौती को लेकर कहा प्रदेश में कटौती अभी अस्थाई है पूरी तरह स्थाई नहीं है।

क्या कहा था सिंधिया ने
दरअसल, गुुरुवार को टीकमगढ़ दौरे के दौरान सभा को संबोधित करते हुए सिंधिया ने कहा था कि मेरे अतिथि शिक्षकों को मैं कहना चाहता हूं आपकी मांग मैंने चुनाव के पहले भी सुनी थीं, मैंने आपकी आवाज उठाई थी और ये विश्वास मैं आपको दिलाना चाहता हूं कि आपकी मांग जो हमारी सरकार के घोषणापत्र में अंकित है वो घोषणापत्र हमारे लिए हमारा ग्रंथ है।उन्होंने अतिथि शिक्षकों को सब्र रखने की सलाह देते हुए कहा अगर उस घोषणापत्र का एक-एक वाक्य पूरा न हुआ तो अपने को सड़क पर अकेले मत समझना। आपके साथ सड़क पर सिंधिया भी उतरेगा। सरकार अभी बनी है, एक वर्ष हुआ है। थोड़ा सब्र हमारे शिक्षकों को रखना होगा। बारी हमारी आयेगी, ये विश्वास, मैं आपको दिलाता हूं और अगर बारी न आये तो चिंता मत करो, आपकी ढाल भी मैं बनूंगा और आपका तलवार भी मैं बनूंगा।

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