भोपाल| प्रदेश के कृषि मंत्री कमल पटेल ने छिंदवाड़ा में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ के बयान को अनुसूचित जाति के लिए अपमानजनक बताते हुए डीजीपी को कमलनाथ के खिलाफ कार्रवाई के लिए पत्र लिखा है| इधर कांग्रेस ने कमलनाथ का बचाव करते हुए कमल पटेल पर हमला बोला है|

मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष कमलनाथ के मीडिया समन्वयक नरेंद्र सलूजा ने कहा कृषि मंत्री कमल पटेल 19 दिन बाद जागे, पहले अपनी जानकारी दुरुस्त कर ले। अपने ज्ञान में वृद्धि कर ले। कांग्रेस ने उसी दिन का मीडिया से चर्चा का वीडियो जारी किया है। सलूजा ने कहा एक बार मंत्री पटेल 27 मई के कमलनाथ जी के वीडियो को ध्यान से सुन ले , फिर झूठ परोसे। मुद्दाविहिन भाजपा झूठे मुद्दों पर प्रदेश की जनता को गुमराह करना बंद करे। उन्होंने कहा प्रदेश की जनता को झूठ परोसना बंद करे अन्यथा कांग्रेस झूठ व भ्रम फैलाकर कमलनाथ जी की छवि बिगाड़ने को लेकर मंत्री कमल पटेल के ख़िलाफ़ आवश्यक फ़ोरम पर शिकायत दर्ज करायेगी।

कृषिमंत्री ने लिखा डीजीपी को पत्र
कृषि मंत्री कमल पटेल ने डीजीपी को पत्र में लिखा है कि जिले में सिंचाई विभाग में हुए करोड़ों के घोटाले के संबंध में 27 मई को छिंदवाड़ा में पत्रकार वार्ता के दौरान पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ से मीडिया के द्वारा उक्त घोटाले के संबंध में सवाल किए जाने पर कमलनाथ के द्वारा दिए गए जवाब में अनुसूचित जाति के लिए अपमानजनक शब्दों का प्रयोग किया गया| उन्होंने आगे लिखा कमलनाथ के द्वारा अनुसूचित जाति के प्रति की गई अपमानजनक टिप्पणी से प्रदेश के समस्त अनुसूचित जाति वर्ग के सम्मान को ठेस पहुंची है|

उन्होंने लिखा जिले के अनुसूचित जाति वर्ग के द्वारा पुलिस अधीक्षक छिंदवाड़ा तथा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अनुसूचित जाति अनुसूचित जनजाति तथा छिंदवाड़ा थाने को कमलनाथ के विरुद्ध कार्रवाई के लिए आवेदन दिए गए हैं| उनकी प्रति भी मंत्री ने पत्र के साथ सलग्न की है| उन्होंने कहा है कि पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ द्वारा की गई अनुसूचित जाति समाज के प्रति अपमानजनक टिप्पणी के लिए उनके विरुद्ध नियमानुसार जांच कर एफ आई आर दर्ज करवाते हुए आवश्यक कार्रवाई की जाए|