अब खजाना भरने कमलनाथ सरकार बना रही है ये ‘स्पेशल प्लान’

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भोपाल।

खजाना खाली होने के चलते विकासकार्यों और वादों को पूरा करना कमलनाथ सरकार के सामने चुनौती बना हुआ है। सरकार एक के बाद एक खजाने को भरने के प्रय़ास कर रही है। ‘एक अफसर एक कार’ और रेत नीति में बदलाव के बाद सरकार बीजेपी शासित राज्यों की तरह एमपी में भी गाय टैक्स लगाने का विचार कर रही है। इससे सरकार के पास को पैसा आएगा वह उसे विकास कार्यों और गौशालाओं में इस्तेमाल करेगी। यदि मध्यप्रदेश में गाय टैक्‍स लगाया जाता है तो यह पहली कांग्रेस सरकार होगी जो गायों के कल्‍याण के लिए टैक्‍स लगाएगी।अबतक यह टैक्स बीजेपी शासित प्रदेश में जैसे हरियाण, राजस्थान और यूपी में लागू किया जा चुका है। 

दरअसल, वर्तमान में खजाना खाली है और जो पैसा था वो सरकार कर्जमाफी में इस्तेमाल कर रही है। वही लोकसभा चुनाव में अब केवल थोडा ही वक्त बचा है, ऐसे में कांग्रेस सरकार वादों को पूरा करने में जुट गई है, लेकिन वित्तीय संकट के चलते विकासकार्यों पर बार बार ब्रेक लग रहा है, वही हाल में ही सरकार ने चार महिने में एक हजार गौशालाएं पूरा करने का भी वादा कर दिया है ऐसे में वादों को पूरा करने के लिए सरकार ने यह फैसला लिया है कि वह गायो पर टैक्स लगाएगी। हालांकि बीजेपी शासित राज्यों मे यह टैक्स पहले से ही वसूला जाता है। इसलिए सरकार राजस्थान, हरियाण और यूपी के मॉडल पर अध्ययन कर रही है।अगर यह मॉडल कामयाब होता है तो सरकार इसे एमपी में भी लागू करेगी। इससे जो पैसा आएगा वो राजस्व की कमी को पूरा करेगा और वादों को भी ।

गौरतलब है कि राज्‍य के पशुपालन विभाग को 100 गायों को रखने लायक 1000 गोशालाएं बनाने के लिए 150 करोड़ रुपये की जरूरत है जबकि उसके पास मात्र 50 करोड़ रुपये है। लोकसभा चुनाव से पहले 1000 गोशालाएं बनाने का लक्ष्‍य लेकर चल रही मध्‍य प्रदेश सरकार ने राजस्‍व घाटे को पूरा करने के लिए एक कमेटी का गठन किया है। इस कमेटी में हेल्‍थ, पंचायल, वन, राजस्‍व और पशुपालन विभाग के प्रमुख शामिल हैं। ये लोग गायों के कल्‍याण के लिए अन्‍य राज्‍यों के बजटीय प्रावधानों का अध्‍ययन कर रहे हैं। सूत्रों ने बताया कि सरकार मनरेगा के जरिए गायों के लिए आधारभूत ढांचे का निर्माण करा सकती है। एक गोशाला के लिए कम से कम एक एकड़ जमीन की जरूरत होगी। इसके अलावा भूसे को बनाने और उसको रखने के लिए भी जगह चाहिए।