Kamalnath-government-may-end-professional-tax-in-state

भोपाल। लोकसभा चुनाव से पहले राज्य सरकार जनता को ढोरों सौगातें देने जा रही है। कर्ज माफी, बिजली बिल हाफ के बाद अब राज्य सरकार कर्मचारियों और व्यापारियों पर लगने वाला प्रोफेशनल टैक्स खत्म करने का प्लान तैयार कर रही है। सरकार सवा दो लाख रुपए से ज्यादा वेतन पाने वाले कर्मचारियों का टैक्स खत्म करने की तैयारी में है। सूत्रों के मुताबिक सरकार फिलहाल फंड जुटाने में लगी है। अगर फंड का इंतजाम हुआ तो इसकी घोषणा हाल ही में पेश होने वाले बजट में की जा सकती है। 

नई सरकार एक महीने पुरानी होने से पहले ही तीन बार बाजार से कर्ज उठा चुकी है। अपने वादों को पूरा करने और नई सौगाते देने के लिए सरकार के पास फिलहाल खजाने में फंड की कमी है। अगर प्रोफेशनल टैक्स खत्म किया जाता है तो सरकार पर अतिरिक्त 250 करोड़ का भार बढ़ेगा। फिलहाल राज्य सराकर के खजाने में प्रोफेशनल टैक्स से 250 करोड़ की आमदनी होती है। इसलिए इसको खत्म करने में सरकार पशोपेश में है। लोकसभा चुनाव सिर पर हैं ऐसे में जनता के बीच अधिक से अधिक वादों को पूरा कर चुनावी मैदान में उतरने के लिए सरकार इस पर विचार कर रही है। 

वचन पत्र में किया था वादा

कांग्रेस ने विधानसभा चुनाव के अपने वचन पत्र में प्रोफेशनल टैक्स खत्म करने का वादा किया था। मुख्यमंत्री कार्यालय ने सभी विभागों से वचन पत्र पर हुई कार्रवाई की जानकारी भी मांगी है। सूत्रों के मुताबिक टैक्स खत्म करने को लेकर विभाग ने प्रक्रिया की शुरुआत कर दी है, हालांकि प्रशासनिक अनुमोदन अभी नहीं हुआ है।

क्या होता है प्रोफेशनल टैक्स

प्रोफेशनल टैक्स राज्य सरकारें वसूलती है। यह टैक्स सरकारी और गैर-सरकारी क्षेत्र के कर्मचारियों, पेशेवर और व्यापारियों पर लगाया जाता है। प्रोफेशनल टैक्स अप्रत्यक्ष कर की श्रेणी में आता है। कंपनियां यह टैक्स काटकर सरकार के पास जमा कराती हैं।

50-60 लाख कर्मचारियों को मिलेगा फायदा 

राज्य सरकार यदि प्रोफेशनल टैक्स खत्म करती है तो सरकारी और निजी क्षेत्र के लगभग 50 से 60 लाख कर्मचारियों, व्यापारियों को इसका फायदा मिलेगा। पिछले साल जब भाजपा सरकार ने टैक्स के लिए वेतन की सीमा बढ़ाई थी तो करीब चालीस हजार लोगों ��ो इसका फायदा मिला था। कई कर्मचारी संगठन भी प्रोफेशनल टैक्स खत्म करने की मांग करते आ रहे हैं।

प्रोफेशनल टैक्स 

वार्षिक वेतन–लगने वाला टैक्स (स्र्पए में)

सवा दो लाख से तीन लाख–1500

3 लाख से चार लाख–2000

4 लाख से अधिक–2500

20 लाख से ज्यादा टर्नओवर (व्यापारी, पेशेवर के लिए)–2500