अब पेंशन पर सरकार का यू-टर्न, बीजेपी ने उठाये सवाल

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भोपाल| मध्य प्रदेश में 15 साल बाद सत्ता में आई कांग्रेस का यूटर्न सुर्ख़ियों में है| मंदसौर गोलीकांड, पौधरोपण में भ्रष्टाचार और सिंहस्थ घोटाले पर मंत्रियों के जवाब से सियासत गरमाई हुई है| हालाँकि मंत्रियों ने स्तिथि को स्पष्ट किया है और मुख्यमंत्री कमलनाथ भी कह चुके हैं कि दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा| इसका दोष अधिकारियों पर फोड़ा जा रहा है| वहीं अब एक और मामले में सरकार का यूटर्न देखने को मिला है| सरकार बनने से पहले कांग्रेस ने चुनाव के दौरान अपने वचन पत्र में सामाजिक सुरक्षा पेंशन बढ़ाकर एक हजार रुपए करने का एलान किया था, लेकिन विधानसभा में सरकार ने इस वचन से इंकार कर दिया है| इसको लेकर बीजेपी ने सरकार की मंशा पर सवाल उठाये हैं|

दरअसल, विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस ने पेंशनभोगियों को पेंशन में वृद्धि का वादा किया था| कांग्रेस की सरकार बनते ही सामाजिक न्याय विभाग ने पेंशन 300 से बढ़ाकर एक हजार रुपए मासिक करने का प्रस्ताव शासन को भेजा था, लेकिन माली हालत खराब होने के कारण सरकार ने इसमें संशोधन किया है। कमलनाथ कैबिनेट ने फिलहाल सामाजिक सुरक्षा पेंशन को 600 रुपए किया है। सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना अंतर्गत इंदिरा गांधी राष्ट्रीय वृद्धावस्था पेंशन योजना, इंदिरा गांधी राष्ट्रीय निशक्त पेंशन योजना एवं इंदिरा गांधी राष्ट्रीय विधवा पेंशन योजना मे पेंशन राशि बढ़ाकर 600 रुपए प्रतिमाह कर दी गई है। समग्र सामाजिक पेंशन सुरक्षा योजना में वृद्ध, दिव्यांग, परित्यक्ताओं, कल्याणियों, अविवाहित महिलाओं, कन्या अभिभावकों और वृद्धाश्रमवासियों की पेंशन राशि बढ़ाई गई है। बताया जा रहा है कि इसे धीरे-धीरे बढ़ाया जाएगा। लेकिन विधानसभा में पेंशन को बढ़ाकर एक हजार किये जाने के वचन से सरकार मुकर गई| नेता प्रतिपक्ष गोपाल भार्गव के एक सवाल के जवाब में सामाजिक न्याय मंत्री  लखन घनघोरिया ने ऐसा कोई वचन देने से स्पष्ट इंकार कर दिया है| 

 इस पर भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता रजनीश अग्रवाल ने सरकार की मंशा पर सवाल उठाये हैं| उन्होंने सोशल मीडिया पर सरकार पर निशाना साधा है| उन्होंने लिखा है “सामाजिक सुरक्षा पेंशन के मुद्दे पर प्रदेश कांग्रेस सरकार ने यू टर्न ले लिया। कांग्रेस ने अपने वचन पत्र में ये पेंशन बढ़ाकर 1000 रुपये करने का वचन दिया था, लेकिन विधानसभा में सरकार इससे भी मुकर गई। नेता प्रतिपक्ष माननीय गोपाल भार्गव जी के एक सवाल के जवाब में सामाजिक न्याय मंत्री श्री लखन घनघोरिया ने ऐसा कोई वचन देने से स्पष्ट इंकार कर दिया जबकि कांग्रेस के वचन पत्र में भी इसका उल्लेख है। साथ ही ना ही किसी प्रकार का कोई आश्वासन मंत्रीजी के द्वारा दिया गया कि भविष्य में ऐसे किए जाने की सरकार की कोई मंशा है”।

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