Kamalnath-government-will-become-administrative-reform-commission

भोपाल।

15  साल बाद सत्ता में आई कांग्रेस अब फूंक फूंक कर कदम रख रही।लोकसभा चुनाव से पहले कमलनाथ सरकार एक के बाद एक अपने वचनों को पूरा करने में जुटी हुई है, ताकी जनता का भरोसा जीत सके और इन्ही वचनों को चुनाव के दौरान जनता के बीच भुना सके। इसी कड़ी में अब सरकार प्रशासनिक सुधार आयोग बनाने जा रही है। इसके लिए प्रस्ताव बनाकर सामान्य प्रशासन विभाग ने अंतिम निर्णय के लिए मुख्यमंत्री के पास भेज दिया है।मुख्यमंत्री से हरीझंड़ी मिलने के बाद इसे कैबिनेट में रखा जाएगा।

दरअसल, प्रशासनिक व्यवस्था को मजबूत करने के लिए पिछली सरकार से ही कवायद शुरु हो गई थी। पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान खुद अपने शासन काल में जनता को साफ सुथरा माहौल देना चाहते थे, इसके लिए उन्होंने नवंबर 2016 में प्रशासनिक सुधार आयोग के गठन को मंजूरी दी थी।इसके लिए प्रस्ताव भी तैयार कर लिया गया था और नियम-शर्ते भी लागू कर दी गई थी, किसी कारणवश यह गठित नही हो सके। लेकिन अब चुंकी प्रदेश में कांग्रेस की सरकार है , इसलिए मुख्यमंत्री कमलनाथ प्रशासनिक व्यवस्था को चुस्त-दुरुस्त करने और जनता को एक बेहतर प्रशासन देने के लिए  प्रशासनिक सुधार आयोग  गठित करने जा रहे है।इसके लिए प्रस्ताव तैयार किया जा चुका है। इनमें एक अध्यक्ष और दो सदस्य रखे जा सकते है। अध्यक्ष मुख्य सचिव या अपर मुख्य सचिव स्तर का अधिकारी हो सकता है।। 20 साल लोक सेवा का अनुभव होना जरूरी रहेगा। नियुक्ति मुख्यमंत्री करेंगे। जबकि एक सदस्य वित्तीय और न्यायिक मामलों का जानकार और दूसरा प्रशासनिक क्षेत्र से होगा। ऐसे में साफ कहा जा सकता है कि कमलनाथ सरकार पिछली सरकार की योजनाओं और कार्यों को आगे बढाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।