अब ‘पानी का अधिकार’ कानून लागू करेगी कमलनाथ सरकार, हर व्यक्ति को मिलेगा इतने लीटर

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भोपाल।

प्रदेश में दिनों दिन जल संकट गहराता जा रहा है। कई जगह सूखे के हालत बने हुए है।इस बार भी भीषण गर्मा के कारण लोगों तक पानी नही पहुंच पा रहा है, चारों तरफ हाहाकार मचा हुआ है, ऐसे में  आने वाले समय में स्थिति और भयावह ना हो इसके लिए राज्य की कमलनाथ सरकार नया फॉर्मूला लाने जा रही है।खबर है कि प्रदेश की कमलनाथ सरकार  ‘पानी का अधिकार’ कानून लागू करने जा रही है। इसके तहत पूरे साल एक परिवार को जरूरत के मुताबिक यानि हर नागरिक को प्रति व्यक्ति 55 लीटर पानी का अधिकार दिया जाएगा।

सीएम कमलनाथ ने लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग को इस संबंध में निर्देश जारी कर दिए हैं। इसके लिए पंचवर्षीय योजना तैयार की जाएगी। उसके बाद इसे लागू किया जाएगा।इस बार मे ज्यादा जानकारी देते हुए लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री सुखदेव पांसे ने बताया कि इसे पूरा करने के लिए कार्ययोजना बनाई जा रही है। आम लोगों को पानी के लिए परेशान न होना पड़े, इस मकसद से राज्य में ‘पानी का अधिकार’ कानून लागू किया जा रहा है। यह लागू हो जाने से एक परिवार और व्यक्ति को उसकी जरूरत के मुताबिक पानी जरूरी तौर पर उपलब्ध कराया जाएगा।

मंत्री ने कहा कि देश में जिस तरह सूचना हासिल करने के लिए सूचना का अधिकार, गरीबों को शिक्षा की सुनिश्चित करने के लिए शिक्षा का अधिकार, रोजगार की गारंटी के लिए मनरेगा और भोजन का अधिकार लागू हैं, उसी तरह हर परिवार को पानी की सुविधा दिलाने के लिए पानी का अधिकार लागू किया जाने वाला है। राज्य सरकार की मंशा है कि हर घर तक नल का पानी पहुंचे। इसको ध्यान में रखते हुए नल-जल योजना भी बनाई जाएगी। इसके लिए नाबार्ड और एशियन बैंक से वित्तीय मदद ली जाएगी।

बता दे कि इस अधिकार के तहत प्रदेश के हर नागरिक को प्रति व्यक्ति 55 लीटर पानी का अधिकार दिया जाएगा। यानि हर व्यक्ति को कम से कम 55 लीटर पानी ज़रूर मिलेगा। केंद्र में अभी प्रति व्यक्ति 40 लीटर पानी देने का प्रावधान है। वही देश के नागरिकों को पानी की सुविधा उपलब्ध कराए जाने के मामले में मध्यप्रदेश की बात करे तो इसका स्थान 17वां है। जबकी हमारे राज्य से बेहतर स्थिति सिक्किम, गुजरात आदि की है, ये हमसे आगे है। इसी को ध्यान में रखते हुए सरकार ने ये अधिकार देने की बात कही है।सरकार को पूरी उम्मीद है कि ऐसा करके प्रदेश में मंडराते जल संकट को दूर किया जा सकेगा।

इजराइल की तर्ज पर होगा जल का सरंक्षण-जयवर्धन सिंह

इधर, प्रदेश के नगरीय प्रशासन मंत्री जयवर्धन सिंह ने इजराइल की तर्ज पर पानी का सरंक्षण करने की बात कही है। मंत्री का कहना है कि मध्यप्रदेश में  इजराइल की तर्ज पर जल संरक्षण होगा। इजराइल जल-संरक्षण के क्षेत्र में विश्व में पॉयनियर है। वहां कम वर्षा के बावजूद पानी की बेहतर उपलब्धता है। उन्होंने कहा कि  प्रदेश सरकार पेयजल परिवहन के लिये 500 इलेक्ट्रॉनिक बस खरीदने जा रही है। इजरायल मध्य प्रदेश में इलेक्ट्रिक बसों के उत्पादन सहित अन्य उद्योग भी लगा सकता है। पेयजल आपूर्ति में रिसाइकलिंग और वाटर मैनेजमेंट तथा कंजर्वेशन और वाटर ट्रीटमेंट में इजराइल तकनीक का उपयोग किया जा सकता है। उन्होंने कहा था कि नगर निगमों में इजराइल के सहयोग से जल प्रबंधन की शुरूआत की जा सकती है। इजरायल के पास थर्ड जनरेशन जल शोधन संयंत्र उपलब्ध है। प्रदेश के 378 नगरी निकायों में जल ऑडिट कराया जाएगा। उसकी रिपोर्ट के आधार पर इजराइल से मदद लेकर पेयजल के संकट को दूर करेंगे।