GMC के जूनियर डाक्टर्स की सामूहिक आत्महत्या की चेतावनी का पत्र मामला, आयोग ने लिया संज्ञान, प्रमुख सचिव सहित GMC डीन को नोटिस

जूनियर डाॅक्टर का कहना है कि निरंतर 24 से 36 घण्टे तक काम करना पड़ रहा है। शासकीय अवकाश के दिन भी छुट्टी नहीं दी जाती है। सीनियर एवं फैकल्टीज द्वारा बुरा व्यवहार भी किया जाता है। जिस कारण जूनियर डाॅक्टरो ने शासन से इच्छामृत्यु मांगी है।

BHOPAL GANDHI MEDICAL COLLAGE JUDA NEWS : भोपाल शहर के गांधी मेडिकल काॅलेज (जीएमसी) के पांच जूनियर डाॅक्टरों द्वारा फैकल्टीज पर प्रताड़ना औैर काम के अत्यधिक भार का आरोप लगाने का मामला सामने आया है। जूनियर डाॅक्टर का कहना है कि निरंतर 24 से 36 घण्टे तक काम करना पड़ रहा है। शासकीय अवकाश के दिन भी छुट्टी नहीं दी जाती है। सीनियर एवं फैकल्टीज द्वारा बुरा व्यवहार भी किया जाता है। जिस कारण जूनियर डाॅक्टरो ने शासन से इच्छामृत्यु मांगी है। पूर्व में भी ऐसी घटनाये घटी है, जिसमें रेजीडेंट डाॅक्टर्स आत्महत्या कर चुके है।

आयोग का संज्ञान 

मामले में संज्ञान लेकर मध्यप्रदेश मानव अधिकार आयोग ने प्रमुख सचिव, मध्यप्रदेश शासन, चिकित्सक शिक्षा विभाग, भोपाल, डायरेक्टर, चिकित्सा शिक्षा विभाग, भोपाल एवं डीन, गांधी मेडिकल काॅलेज, भोपाल से मामले की जांच कराकर जूनियर डाॅक्टरों से लिये जाने वाले कार्य के संबंध में नेशनल मेडिकल कमीशन द्वारा इस संबंध में क्या अनुशंसायें की गई है और उस तारतम्य में चिकित्सा शिक्षा विभाग द्वारा मध्यप्रदेश में जो विभिन्न शासकीय एवं अशासकीय चिकित्सा महाविद्यालय है, उनके लिये क्या गाईड लाईन जारी की गई हैं, इस संबंध में पूर्व में क्या-क्या शिकायते प्राप्त हुई है और उन पर क्या कार्रवाईयां की गई, संबंध में प्रतिवदेन मांगा है।

 


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Sushma Bhardwaj

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