मप्र में महंगी हो सकती है शराब, सरकार लगाएगी ‘कोरोना टैक्स’ !

भोपाल| कोरोना संकट (Corona Tax) में आर्थिक तंगी से जूझ रही प्रदेश सरकार खजाना भरने अब शराब (alcohol) पर अतिरिक्त टैक्स लगाने की तैयारी में है| लॉकडाउन (Lockdown) में राजस्व के नुकसान की भरपाई के लिए कई राज्यों ने इस तरह का फैसला लिया है| दिल्ली सरकार ने तो शराब पर 70% अतिरिक्त टैक्स वसूलना शुरू कर दिया है। शराब बिक्री की अनुमति देने के बाद मध्य प्रदेश सरकार (madhya pradesh government) भी जल्द ही शराब पर ‘कोरोना टैक्स’ का फैसला ले सकती है|

दरअसल, लॉक डाउन के चलते मार्च और अप्रैल में शराब की दुकान न खुलने से सरकार को 1800 करोड़ रुपये राजस्व की क्षति हुई है। हालाँकि लॉक डाउन-3 में सरकार ने शराब दुकानें खोलने की अनुमति दे दी| सरकार के इस फैसले पर सवाल भी उठ रहे हैं| लेकिन नाजुक आर्थिक स्थति को सुधारने शराब से कमाई राज्यों की मजबूरी भी है| शराब पर लगने वाला एक्साइज टैक्स यानी आबकारी शुल्क राज्यों के राजस्व में एक बड़ा योगदान करता है| शराब और पेट्रोल-डीजल को जीएसटी से बाहर रखा गया है, इसलिए राज्य इन पर भारी टैक्स लगाकर अपना राजस्व बढ़ाते हैं|

लॉक डाउन में 1800 करोड़ का घाटा
केंद्र सरकार द्वारा लॉक डाउन 3 की नई गाइडलाइन जारी करने के बाद कई राज्यों कोरोना टैक्स वसूलना शुरू कर दिया है| वहीं मध्य प्रदेश सरकार भी इस संबंध में जल्द ही फैसला ले सकती है, इसको लेकर विचार चल रहा है| अतिरिक्त टैक्स से हजारों करोड़ रुपए की आय होगी, जिससे दो महीने में हुए राजस्व के नुकसान की भरपाई हो जायेगी| इसके अलावा सरकार पेट्रोल डीजल भी महंगा कर सकती है| लॉकडाउन के चलते मध्यप्रदेश सरकार को 1800 करोड़ रुपए के राजस्व की हानि हुई है। अब इस नुकसान की भरपाई करना आसान नहीं है| इसलिए सरकार ने केंद्र सरकार की गाइडलाइन के बाद शराब दुकानों को खोलने का निर्णय लिया।