बैतूल-शहडोल और बालाघाट प्रत्याशियों का विरोध, कांग्रेस-भाजपा में हड़कंप

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भोपाल।

लोकसभा चुनाव के लिए भले ही भाजपा ने 18 और कांग्रेस ने 9 प्रत्याशियों का ऐलान कर दिया है, लेकिन अब इन प्रत्याशियों का विरोध खुलकर सामने आने लगा है। सबसे ज्यादा  विरोध के स्वर बैतूल और शहडोल और बालाघाट में फूट रहे है। स्थानीय नेता और कार्यकर्ता अपनी नाराजगी भोपाल से लेकर दिल्ली तक के नेताओं के सामने बता चुके है। जहां शहडोल में ज्ञान सिंह और उनके समर्थक कांग्रेस से आई हिमाद्री और बोधसिंह के समर्थक बालाघाट से ढाल सिंह बिसेन का विरोध कर रहे है तो वही बैतूल लोकसभा सीट पर कांग्रेस प्रत्याशी रामू टेकाम को गौंड समाज के ही लोगों के विरोध का सामना करना पड़ रहा है। इसके अलावा भाजपा से हाल ही में कांग्रेस में शामिल हुई प्रमिला सिंह का भी विरोध देखने को मिला है।

शहडोल लोकसभा क्षेत्र में कांग्रेस में अनुसूचित जनजाति की महिला नेताओं ने प्रत्याशी का विरोध शुरू किया है। भाजपा से पूर्व विधायक रहीं प्रमिला सिंह को प्रत्याशी बनाए जाने से नाराज कांग्रेस नेताओं में दिव्या सिंह, सुनीता परस्ते, कृष्णा उरेती और सावित्री धूमकेतू प्रमुख हैं। दिव्या सिंह ने आदिवासी विकास परिषद के कार्यक्रम में भूरिया और अन्य नेताओं के सामने अपना पक्ष रखा था। वहीं गोंडवाना गणतंत्र पार्टी से कांग्रेस में आईं सुनीता परस्ते भी इसको लेकर अपनी नाराजगी नेताओं तक पहुंचा चुकी हैं। जिला पंचायत में चार से पांच बार जनप्रतिनिधि रहने वाली कांग्रेस की पुरानी नेता कृष्णा व सावित्री भी प्रमिला सिंह को प्रत्याशी बनाए जाने से असंतुष्ट हैं।वही मौजूदा भाजपा सांसद ज्ञान सिंह भी टिकट कटने से नाराज चल रहे है। उन्होंने पार्टी को निर्दलीय चुनाव लड़ने की चेतावनी तक दे रखी है, हालांकि पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज ने उनसे मुलाकात कर आश्वसन दिया है।

वही बैतूल लोकसभा सीट पर कांग्रेस प्रत्याशी रामू टेकाम को गौंड समाज के ही लोगों के विरोध का सामना करना पड़ रहा है। गौंड समाज में एक गौंड होते हैं और दूसरे प्रधान। टेकाम प्रधान से आते हैं। सूत्र बताते हैं कि गौंड और प्रधान के बीच बैतूल में दरार खिंच गई है। गौंड दावेदार एक होने की रणनीति बना रहे हैं। ये लोग टिकट नहीं बदले जाने पर अपने में से किसी एक को चुनाव मैदान में उतारकर कांग्रेस को नुकसान पहुंचा सकते हैं।

इसके अलावा बालाघाट से वर्तमान भाजपा सांसद बोधसिंह का टिकट काटे जाने पर भी समर्थक और स्थानीय नेता विरोध कर रहे है। हाल ही में बोधसिंह के समर्थकों ने बीजेपी कार्यालय पर जमकर विरोध प्रदर्शन कर ताला जड़ दिया था। इसके साथ ही कार्यकर्ताओं ने चेतावनी भी दी थी कि अगर बोध सिंह को टिकट नही दिया गया तो वे सामूहिक इस्तीफा दे देंगें।वही सीधी सिंगरौली संसदीय क्षेत्र से मौजूदा सांसद रीति पाठक को फिर से टिकट देने पर भी विरोध देखने को मिला था।इससे नाराज होकर बीते दिनों ही भाजपा जिलाध्यक्ष कान्तिशीर्ष देवसिंह उर्फ राजा साहब ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया था। उनका कहना है कि लगातार पार्टी में उनकी उपेक्षा की जा रही है ।वही उनके इस्तीफा देने के बाद जिला भाजपा के कई पदाधिकारियों ने भी इस्तीफ़ा दे दिया।