MP: अबतक 21 दुष्कर्म आरोपियों को मिल चुकी है फांसी की सजा, फिर भी आजाद दरिंदे

madhya-pradesh-is-number-one-in-giving-death-sentence-to-accused-of-minor-girl-misdeed-case

भोपाल।

मध्यप्रदेश में बढ़ती रेप और छेड़छाड़ की घटनाओं के बीच मप्र पुलिस ने अभियोजन शाखा के स्थापना दिवस 8 जून कुछ आंकड़ों जारी किए है। जिसमें बताया गया कि नाबालिगों से दुष्कर्म के मामलों में जल्दी सुनवाई करने वाला मप्र देश का पहला राज्य है। दतिया और कटनी में हुए अपराधों में क्रमश: 3 व 5 दिन में सजा सुनाई गई। कटनी के केस में फांसी व दतिया के केस में अपराधी को उम्रकैद हुई।वही दो साल पहले बनाए गए कानून के तहत 8 जून तक 21 दरिंदों को फांसी की सजा सुनाई गई, लेकिन अबतक किसी को भी फांसी नही दी गई।

यही वजह है कि प्रदेश में दुष्कर्म व छेड़छाड़ की घटनाएं दिनों दिन बढ़ती जा रही हैं। मध्यप्रदेश में आए दिन मासूम बच्चियों से दुष्कर्म की घटनाएं सामने आ रही है। हाल ही में उज्जैन, भोपाल और जबलपुर से मामले सामने आए थे। दो दिन पहले घटी भोपाल की घटना को लेकर तो खूब बवाल भी मचा था, हालांकि पुलिस ने 24  घंटे में आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। वही सीएम ने 48  घंटों में चालान पेश कर एक महिने में आरोपी को सजा दिलानी की बात कही है। इसके लिए पिछली सरकार ने प्रदेश में कानून भी बनाया हुआ है, जिसमें अब तक 21 दरिंदों को फांसी की सजा सुनाई गई, लेकिन अभी तक एक को भी फांसी पर नहीं चढ़ाया नही गया। ऐसे में सवाल खड़ा होना लाजमी है अगर भोपाल या उज्जैन रेप हत्या के आरोपी को कोर्ट सजा ए मौत का फरमान सुनाता है तो क्या उसे फांसी दी जाएगी। 

कठुआ रेप कांड में भी किसी को फांसी नही

वही सोमवार को बीते साल पूरे देश को झकझोर देने वाले कठुआ रेप हत्याकांड मामले में पंजाब स्थित पठानकोट एक विशेष अदालत ने भी आरोपियों को फांसी की सजा नही दी। अदालत ने  दोषी सांझी राम, प्रवेश कुमार और दीपक खजूरिया को भी उम्रकैद की सजा सुनाई है।इन पर एक लाख रुपए का जुर्माना भी लगाया गया है। वही तीन अन्य आरोपियों असिस्टेंट सब इंस्पेक्टर तिलक राज, आनंद दत्ता और पुलिस ऑफिसर सुरेंद्र कुमार को पांच पांच साल की सजा सुनाई गई है। कोर्ट ने इन दोषियों पर पचास पचास हजार का जुर्माना लगाया है। वही सांझी राम का बेटे विशाल को बरी कर दिया है। जिसके कारण कही ना कही देश-प्रदेश में दरिंदों के मन से डर निकल गया है और वे बार बार इस तरह की घटनाओं को अंजाम दे रहे है।