MP में भीषण गर्मी का प्रकोप जारी, जबलपुर में टूटा 65 सालों का रिकार्ड, आगे ऐसे रहेंगे हालात

Madhya-Pradesh-Weather-Update

भोपाल।

मध्यप्रदेश में भीषण गर्मी का प्रकोप जारी है। गर्म हवा के थपेड़ों से लोग बेजार हैं।नाैतपा के दिन जैसे-जैसे बढ़ रहा है, वैसे-वैसे पारा भी बढ़ता जा रहा है। नाैतपा के सातवें दिन कई शहराें में तापमान में बढोत्तरी देखी गई।प्रदेश के 15 शहरों में अधिकतम तापमान 45 डिग्री के पार हो गया है। शुक्रवार को जहां भोपाल का तापमान 44 डिग्री पार चला गया। वही जबलपुर में गर्मी का 65 साल का रिकार्ड टूट गया। वहां दिन का तापमान 46.8 डिग्री दर्ज किया गया। इससे पहले वहां 25 मई 1954 को तापमान 46.7 डिग्री रहा था। 

इनके अलावा जबलपुर समेत प्रदेश के दमोह, खजुराहो, नौगांव, रीवा, सागर, सतना, सीधी, ग्वालियर, होशंगाबाद, खरगोन, रायसेन और उमरिया में पारा 45-46 डिग्री पार पहुंच गया। इधर, भोपाल में सीजन का सबसे गर्म दिन शुक्रवार रहा। मौसम विभाग ने अगले चौबीस घंटों में लू चलने की संभावना जताई है। विभाग ने सागर, छतरपुर, दमोह और खरगोन में तीव्र लू चलने की संभावना जताई है।वही कही कही धूल भरी आंधी की भी आशंका व्यक्त की है।

यहां लू चलने की संभावना

ग्वालियर एवं चंबल संभाग के जिलों, रीवा, सतना, जबलपुर, छिंदवाड़ा, सागर, दमोह, खरगोन, राजगढ़, रायसेन और छतरपुर। 

यहां धूलभरी आंधी 

नीमच, मंदसौर, शिवपुरी, श्योपुर, ग्वालियर, उमरिया, शहडोल, मंडला और पन्ना जिलों में कहीं-कहीं धूलभरी आंधी चलने के साथ गरज-चमक की स्थिति बन सकती है। 

यहां रेड अलर्ट जारी

वही दिल्‍ली में भीषण गर्मी को देखते हुए मौसम विभाग ने शनिवार और रविवार के लिए रेड अलर्ट जारी किया है। विभाग की माने तो पाकिस्तान से सटे पश्चिमी राजस्थान और सिंध इलाके से गर्म हवाएं आ रही हैं, जिसका असर पूरे उत्तर भारत और दिल्ली-एनसीआर पर पड़ रहा है।देश की राजधानी दिल्ली और एनसीआर के साथ उत्तर भारत के अन्य राज्यों में शामिल उत्तर प्रदेश, पंजाब, चंड़ीगढ़, मध्य प्रदेश, बिहार, राजस्थान समेत कई इलाकों में भीषण गर्मी के साथ तेज गर्म हवाओं (लू) से अगले कुछ दिन राहत मिलने के आसार नहीं हैं, कई हिस्सों में चेतावनी जारी की गई है।वही श्रीगंगानगर में पारा 50 डिग्री सेल्सियस के करीब पहुंच गया, जो कि 75 साल में सबसे अधिक गर्म दिन रहा।इससे पहले श्रीगंगानगर में 30 मई 1944 को अधिकतम तापमान 49.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था।इसके अलावा दक्षिण और पश्चिम राज्यों तेलंगाना, महाराष्ट्र के विदर्भ और कर्नाटक में भी गर्मी की वजह से लोगों का हाल बेहाल हैं। तेलंगाना में 22 दिनों में 17 मौतें हो चुकी हैं।