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भोपाल। नशे की लत के चलते वर्ष 2003 में एक युवक ने महज 180 रूपए चोरी कर लिए थे। वारदात को होटल शगुन पीरगेट पर अंजाम दिया गया था। आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था। जिसका प्रकरण आज भी न्यायालय में विचाराधीन है। बीते सात सालों से इस मामले का आरोपी पेशी पर नहीं जा रहा था। जिसका वारंट थाना मंगलवारा पुलिस को मिला। पुलिस ने इस मामले में वारंटी को गिरफ्तार कर लिया। उसे न्यायालय में पेश कर दिया गया है। 

आरोपी की कहानी उसी की जुबानी

फहीम पिता अब्दुल मजीद (38) निवासी कंजर बस्ती इतवारा चूड़ी का ठेला लगाकर अपना गुजर बसर करता है। उसने बताया कि वर्ष 2003 से 06 तक वह नशे की लत का आदी था। इसी दौरान उसके छोटे मोटे विवाद हुए। जिससे वह पुलिस की नजरों में आ गया। 2003 में कोतवाली पुलिस ने शगुन होटल से 180 रूपए नकद चोरी के मामले में उसे गिरफ्तार किया। कुछ दिन जेल कॉटने के बाद में उसकी जमानत हो गई। लंबे समय तक उसने पेशी की। एक दिन किसी ने उससे कहा की केस खत्म हो गया है। इस बीच वह सुधर चुका था और काम करने लगा था। केस खत्म होने की जानकारी मिलने के बाद उसने चूड़ी का ठेला लगाना शुरू कर दिया। तब से अब तक उसके पास में कोई पुलिसकर्मी भी गिरफ्तारी के लिए नहीं पहुंचा। कभी थाने और कोर्ट का कोई नोटिस भी उसके पास नहीं आया। मंगलवारा पुलिस ने अचानक उसे बीते गुरुवार को अचानक उसे गिरफ्तार किया और कोर्ट में पेश कर दिया। फहीम का कहना नादामी में पाली नशे की लत का खामीयाजा वह और परिवार आज भी भुगत रहा है। नशे ने उसके जिस्म को खोखला कर दिया है, वहीं पुराना अतीत उसका पीछा नहीं छोड़ता। इस गिरफ्तारी के बाद वह पूरी तरह से टूट चुका है। हालांकि फहीन ने बताया कि मंगलवारा थाने में इस छोटी सी चोरी के आरोप में गिरफ्तार किए जाने के बाद में पुलिसकर्मियों ने उसके साथ में मानवीय सलूक किया। मानसिक और आर्थिक रूप से उसकी मदद की। फहीम का कहना है कि वह युवओं को नशे की लत से दूर रहने की नसीहत देता है। नशे के आदी हो चुके कई युवकों को इस लत से बाहर निकालने में उनकी मदद करता है।

– इनका कहना है

फहीम को 180 रूपए की चोरी के एक मामले में लंबे समय से फरार चल रहा था। वारंट के आधार पर उसकी गिरफ्तारी की गई थी। 

संजय वर्मा, टीआई मंगलवारा