Bribe : लोकायुक्त के शिकंजे में फंसा एएसआई, रिश्वत लेते रंगेहाथों धराया

आरोपी एएसआई के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा के तहत अपराध पंजीबद्ध किया गया है।

bribe

भोपाल, डेस्क रिपोर्ट। मध्य प्रदेश में लोकायुक्त (MP Bribe News) ने एक बार फिर बड़ी कार्रवाई की है।इंदौर लोकायुक्त टीम ने खंडवा  (Khandwa Bribe) में पंधाना कृषि उपज मंडी में पदस्थ एएसआई (ASI) सुनिल वास्कले  को गल्ला व्यापारी महेश अग्रवाल से 13 हजार रु. की रिश्वत लेते हुए रंगेहाथों गिरफ्तार किया है। इसमें से 5 हजार रुपए मंडी सचिव को देना थे।वही लोकायुक्त ने 3 सहायक उपनिरीक्षकों पर केस दर्ज किया है।आरोपी एएसआई के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा के तहत अपराध पंजीबद्ध किया गया है।

यह भी पढ़े.. MP : लापरवाही पर फिर गाज, 2 अधिकारी समेत 4 कर्मचारी निलंबित, 3 को नोटिस

आवेदक महेंद्र अग्रवाल के अनुसार शासन (MP Government) द्वारा निर्धारित नियमों के आधार पर व्यापारियों को वर्ष 2020 मे उनके स्थान से कृषि उपज क्रय के लिए क्रय केंद्र के मंडी लाइसेंस दिए गए थे, जिसकी समयावधि निर्धारित नहीं थी जिस पर उनके द्वारा कृषि उपज क्रय किया गया था जिसका मंडी टैक्स भी चुकाया गया था। पोर्टल 31 जून 2020 को बिना सूचना के बंद हो जाने से उनका कुछ कृषि उपज विक्रय के लिए रह गया था, जिसका उनके द्वारा पुनः मंडी शुल्क भुगतान कर उपज विक्रय किया गया था ।मंडी सहायक उपनिरीक्षको द्वारा उनके गोदाम चेक करने पर स्टॉक में 141 क्वेंटल मक्का अतिरिक्त पाया गया जिसके लिए सहायक उप निरीक्षकों द्वारा रिश्वत के रूप में ₹80000 मांग किए जा रहे थे, जिसकी सूचना आवेदक द्वारा पुलिस अधीक्षक लोकायुक्त इंदौर को की गई ।

यह भी पढ़े… MP School : स्कूल खुलने से पहले छात्रों और शिक्षकों के लिए बड़ी खबर, पढ़िए यहां

इस पर 13 सितंबर को रिकॉर्डिंग कराई गई, जिसमें बातचीत के दौरान 15000 रुपए मैं लेनदेन तय हुआ ।इसमें सभी सहायक उपनिरीक्षक के 3-3 हजार एवं मंडी सचिव के 5000 रुएए निर्धारित थे आज मंगलवार को मंडी कार्यालय में सुनील वास्कले सहायक उपनिरीक्षक मंडी को उनके कार्यालय में आवेदक महेंद्र अग्रवाल से 12000 रुपए की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों ट्रैप किया गया।2000 रुपए की राशि आरोपी शुभम सोनी द्वारा पूर्व में ली जा चुकी थी तथा 1000 रुपए की राशि अभी रिश्वत देते समय डीजल भरवाने के नाम पर आवेदक द्वारा कम करा ली गई ।इस पूरे मामले में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 7, 13 (1) बी,120 (बी) आईपीसी के तहत मंडी कार्यालय में कार्रवाई की गई।