मंडला कलेक्टर की बढ़ सकती है मुश्किलें, शिवराज ने राज्यपाल को लिखा पत्र

भोपाल।

मंडला कलेक्टर जगदीश जटिया की फेसबुक पोस्ट के बाद जमकर बवाल मच गया है। सियासी गलियारों में हलचल के बाद मामला सीएम से होते हुए राज्यपाल के पास पहुंच गया है। पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने राज्यपाल लालजी टंडन को पत्र लिखकर राज्य सरकार को कलेक्टर पर कार्यवाही करने के निर्देश देने को कहा है। शिवराज ने अपने पत्र में शिवराज ने प्रदेश में प्राशसनिक तंत्र को निरकुंश बताते हुए राजनीतिक संलिप्तता वाली मशीनरी में बदलने का आरोप लगाया है।सुत्रों की माने तो राज्यपाल के हस्तक्षेप के बाद राज्य सरकार कलेक्टर पर कार्रवाई कर सकती है।

पूर्व मुख्यमंत्री चौहान ने सोमवार की रात को राज्यपाल को एक पत्र लिखकर बताया है कि कलेक्टर ने अपने फेसबुक पेज पर लिखा है मैं खुद सीएए, एनआरसी का सपोर्ट नहीं करता। चौहान का कहना है कि यह टिप्पणी अक्षम्य और दंड योग्य है, इसे संज्ञान में लेते हुए प्रशासनिक कार्रवाई के लिए सरकार को निर्देश दिए जाएं।इसके पहले शिवराज ने ट्वीट कर कलेक्टर को पद छोड़ने की बात कही थी। शिवराज ने लिखा था कि संवैधानिक पद पर रहते हुए मंडला कलेक्टर ने जो #CAA पर टिप्पणी की है, वह अमर्यादित है। संवैधानिक पद पर रहते हुए संसद द्वारा बनाए गये कानून का विरोध करने का उन्हें नैतिक अधिकार नहीं है। उन्हें अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का अधिकार चाहिए, तो पहले संवैधानिक पद छोड़ें।

ये है पूरा मामला

दरअसल मंडला कलेक्टर ने अपने फेसबुक पेज छपाक फिल्म का पोस्टर अपलोड करते हुए लिखा कि तुम चाहे जितनी घृणा करो हम देखेंगे छपाक। इसके बाद उनके दोस्तों में इस पर कमेंट करते हुए CAA और NRC को लेकर टिप्पणी की जिस पर जवाब देते हुए कलेक्टर ने सीएए और एनआरसी को लेकर अपनी बात कही।कलेक्टर ने अपनी पोस्ट में लिखा था- ‘आप कितनी भी घृणा करो, मैं तो देखूंगा छपाक। इस पोस्ट पर कुछ लोगों ने कमेंट किए तो कलेक्टर ने लिखा, मुझे विवेक का इस्तेमाल करना आता है। मैं खुद सीएए और एनआरसी का सपोर्ट नहीं करता हूं। मारपीट भी टीवी पर देखी है।फेसबुक पोस्ट वायरल होने के बाद बवाल मच गया है, बीजेपी ने इसे लोकसेवा आचरण का संहिता का खुला उल्लंघन बताते हुए उनके इस्तीफे की मांग की है।

विवाद बढ़ने के बाद लिया यू-टर्न

वही विवाद बढ़ने के बाद जाटिया ने पूरे मामले से पल्ला झाड़ते हुए कहा कि उन्हेंने केवल छपाक फिल्म देखने की बात कही थी और सरकार ने भी फिल्म को टैक्स फ्री किया है। उन्होंने कहा कि वह फिल्म केवल इसलिए देखना चाहते थे कि एसिड अटैक सर्वाइवर किस तरीके अपना जीवन जीते है और उनकी जिंदगी को किस तरीके से फिल्माया गया है। वहीं मीडिया से बात में कलेक्टर जगदीश जटिया ने CAA-NRC के बारे में कोई भी बात करने से इंकार कर दिया, वहीं कलेक्टर ने विवाद के बाद अपनी फेसबुक पोस्ट भी डिलीट कर दी।लेकिनअब  फेसबुक पोस्ट के स्क्रीन शाट्स सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे है।