चुनाव में खराब प्रदर्शन के बाद मायावती ने प्रदेशाध्यक्ष को हटाया, कई जोन प्रभारी भी बदले

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भोपाल।

विधानसभा के बाद लोकसभा में एमपी में बसपा के खराब प्रदर्शन के कारण पार्टी सुप्रीमो मायावती नाराज हो गई है। इसी के चलते उन्होंने बड़ा कदम उठाया है। मायावती ने मध्यप्रदेश के साथ साथ दिल्ली, उत्तराखंड, बिहार, झारखंड, राजस्थान, गुजरात व उड़ीसा के राज्य प्रभारियों को हटा दिया है।बसपा सुप्रीमो मायावती ने दिल्ली में चुनावी नतीजों की समीक्षा के बाद यह फैसला सुनाया है। मध्य प्रदेश में डीपी चौधरी की जगह रमाकांत पुत्तल को नया प्रदेश अध्यक्ष बनाया है। 

            दरअसल, शनिवार को बसपा सुप्रीमो मायावती ने दिल्ली में एमपी के नेताओं की बैठक बुलाई थी।जिसमें लगातार गिरते जनाधार को लेकर चर्चा की गई वही हाल ही में हार को लेकर भी समीक्षा की गई।इस दौरान मायावती ने  प्रदेश के प्रभारी एवं राष्ट्रीय उपाध्यक्ष रामजी गौतम और प्रदेश अध्यक्ष डीपी चौधरी से चुनावी नतीजों का भी फीडबैक लिया। साथ ही हार के कारणों का ब्योरा भी मांगा और चिंता जाहिर की।

बैठक खत्म होने के बाद खराब प्रदर्शन के चलते मायावती ने मध्य प्रदेश में डीपी चौधरी की जगह मुरैना में बसपा के वरिष्ठ नेता एवं जोन प्रभारी रहे इंजीनियर रमाकांत पिप्पल को पार्टी का नया अध्यक्ष बना दिया। यह बदलाव तुरंत प्रभाव से लागू कर दिया गया है।जबकी चौधरी को हाल ही में चार महिने पहले पार्टी की कमान सौंपी गई थी, इसके पहले  प्रदीप अहिरवार प्रदेशाध्यक्ष थे , जिन्हें विधानसभा में मिली हार के बाद हटाया गया था, और अब लोकसभा में मिली करारी हार के बाद चौधरी को हटाकर पिप्पल को जिम्मेदारी दी गई है।बता दे कि अबतक दस महीने में बसपा ने तीन प्रदेश अध्यक्ष बदल दिए हैं।

बताया जा रहा है कि हार के बाद से ही मायावती नाराज चल रही थी। इस संबंध में पिछले तीन-चार दिन से कवायद चल रही थी। पार्टी सुप्रीमो ने प्रदेश के प्रभारी रामजी गौतम को समीक्षा के लिए विशेष रूप से भोपाल भेजा भी था। इसके बाद उनसे मप्र की मैदानी रिपोर्ट मांगी गई थी, जिसके आधार पर निर्णय लिया गया। प्रदेश अध्यक्ष के अलावा पार्टी के जोन प्रभारियों के प्रभार में भी फेरबदल किया गया है।

गौरतलब है कि बहुजन समाज पार्टी ने इस बार लोकसभा चुनाव में मध्य प्रदेश की 29 में से 27 सीटों पर अपने प्रत्याशी उतारे थे, लेकिन पार्टी का परफॉरमेंस इतना ख़राब रहा कि सभी प्रत्याशियों की ज़मानत ज़ब्त हो गयी। मायावती ने शनिवार को दिल्ली की बैठक में पार्टी नेताओं को जमकर फटकार लगाई। उन्होंने प्रदेश अध्यक्ष डीपी चौधरी को संगठन से बाहर का रास्ता दिखा दिया।हालांकि पार्टी के दोनों प्रदेश प्रभारी रामजी गौतम और महेश कार्रवाई से बच गए। इस बैठक में पार्टी के मध्य प्रदेश में दोनों विधायकों को भी दिल्ली बुलाया गया था।बैठक में मायावती ने प्रदेश की कमलनाथ सरकार को बाहर से समर्थन जारी रखने की घोषणा को दोहराया।