कोरोना के कहर से लाखों कर्मचारी प्रभावित, डीए के बाद वेतन वृद्धि पर भी संकट!

भोपाल| देश भर में कोरोना वायरस (Corona Virus) का कहर थमने का नाम नहीं ले रहा है। वहीं कोरोना के असर से प्रदेश के लाखों कर्मचारी (Government Employees) भी प्रभावित हुए हैं| पहले पूर्व सरकार में बढे महंगाई भत्ता (DA) को वर्तमान सरकार ने रोक दिया, वहीं सातवें वेतनमान की तीसरी किश्त भी अटकी हुई है| ऐसे में वार्षिक वेतन वृद्धि को लेकर भी कर्मचारी चिंतित हैं|

दरअसल, कोरोना से निपटने संसाधनों के लिए किये जा रहे खर्च और लॉकडाउन के दौरान राजस्व में आई कमी के चलते महंगाई भत्ता और मई में मिलने वाले सातवें वेतनमान की तीसरी किश्त अटकी हुई है| ऐसे में अब जुलाई 2020 के वेतन में होने वाली वार्षिक वेतन वृद्घि पर भी संकट छाया हुआ है| इस सम्बन्ध में अभी तक शासन के कोई दिशा-निर्देश नहीं आने से कर्मचारियों में चिंता है।

कर्मचारी नेता लक्ष्मीनारायण शर्मा का कहना है कि जुलाई 2019 से 4 फीसद महंगाई भत्ते का लाभ मिलना था, जिसे स्थगित कर दिया है। मई 2020 के वेतन में सातवें वेतनमान की तीसरी किश्त का लाभ मिलना था, वह भी कर्मचारियों को नहीं दिया गया। जून 2021 तक किसी भी तरह के महंगाई भत्ते का लाभ रोका है। कर्मचारी कोरोना काल में भी अपनी जान जोखिम में डालकर काम कर रहे हैं, फिर भी उनकी चिंता नहीं कि जा रही है| वहीं, दूसरे कर्मचारी संगठनों के पदाधिकारियों का कहना है कि हर साल कर्मचारियों की औसतन 3 फीसद वेतन वृद्धि होती है, यह प्रक्रिया जुलाई के पहले शुरू हो जाती है और अगस्त में मिलने वाले जुलाई माह के वेतन में लाभ मिलता है, जिसको लेकर भी अभी असमंजस बना हुआ है|