मध्य प्रदेश में मंत्रियों का स्वेच्छानुदान अब एक करोड़ रुपए

भोपाल। कमलनाथ सरकार ने मंत्रियों के स्वेच्छानुदान को दोगुना कर दिया है| मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में शनिवार को मंत्रालय में हुई कैबिनेट बैठक में इस प्रस्ताव पर मुहर लगी है। वर्तमान में मंत्रियों को 50 लाख रुपए का स्वेच्छानुदान मिलता है, लेकिन इसे अब बढ़ाकर 1 करोड़ सालाना कर दिया गया है| 

कैबिनेट बैठक में इसके सहित करीब एक दर्जन प्रस्ताव रखे गए। इसमें मंत्रियों का स्वेच्छानुदान दोगुना किया जाने को लेकर भी फैसला किया गया| कैबिनेट ने मंत्रियों की वार्षिक स्वेच्छानुदान की राशि 50 लाख से बढ़ाकर एक करोड़ रूपये करने की मंजूरी दी। इसी प्रकार, राज्य मंत्रियों की वार्षिक स्वेच्छानुदान राशि को 35 लाख से बढ़ाकर 60 लाख किया गया है।

इसके साथ ही विधानसभा अध्यक्ष, नेता प्रतिपक्ष और उपाध्यक्ष का स्वेच्छानुदान भी बढ़ जाएगा, क्योंकि ये तीनों ही कैबिनेट मंत्री का दर्जा पाते हैं। लंबे समय से मंत्रीगण इसकी मांग कर रहे थे। इसके अलावा लंबे समय से विधायक निधि को बढ़ाकर 5 करोड़ करने की मांग भी है, जिस पर प्रारंभिक सहमति है। लेकिन, फिलहाल स्वेच्छानुदान को लेकर ही फैसला हुआ है|