अपने मंत्रियों से इस वजह से नाराज़ हैं मुख्यमंत्री कमलनाथ

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भोपाल।  मध्य प्रदेश में किसान कर्ज माफी के वादे पर सत्ता पाने में कामयाब हुई कांग्रेस का लोकसभा चुनाव में प्रदर्शन बेहद निराशाजनक रहा। जिस वजह से मुख्यमंत्री कमलनाथ अब अपने मंत्रियोंं से मुलाकात कर इस बात को लेकर मंथन कर रहे हैं। हार की समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री कमलनाथ ने अपने मंत्रियों पर काफी नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि प्रदेश के 20 लाख किसानों का कर्ज माफ हुआ लेकिन फिर भी इस सफलता को जनता तक पहुंचाने में मंत्री नाकाम रहे। उन्होंने बैठक में मंत्रियों से कहा कि उन्हें इस बात की जानकारी मिली है कि चुनाव के दौरान कई लोगों को कर्जमाफी का लाभ नहीं मिला। 

नाथ अपने मंत्रियों से यह जानना चाह रहे थे कि जब प्रदेश में किसान कर्ज माफ हुआ फिर भी हमें लोकसभा चुनाव में क्यों सफलता नहीं मिली। उनके इस सवल पर वित्त मंत्री रुण भनोत और कृषि मंत्री सचि यादव ने कहा कि किसान कर्ज माफी योजना राष्ट्रवाद के मुद्दे के आगे बोनी साबित हुई। जिस वजह से प्रदेश में कर्ज माफी के बाद भी लोगों ने राष्ट्रवाद के मुद्दे पर बीजेपी को चुना। कृषि ऋण माफी को लागू किया गया था, लेकिन यह अन्य राष्ट्रीय मुद्दों को हरा नहीं सका। उन्होंने यह भी तर्क दिया कि भाजपा ने कृषि ऋण माफी पर किसानों के बीच भ्रम पैदा किया और उन्होंने कांग्रेस के पक्ष में वोट नहीं दिया। बैठक में निर्णय लिया गया कि कृषि ऋण माफी को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए जिलेवार लागू किया जाना चाहिए। भनोट ने सुझाव दिया कि कम मात्रा में सभी देनदारों के ऋणों को माफ किया जाना चाहिए ताकि अच्छी धारणा बनाई जा सके। बैठक के दौरान यह सामने आया कि एक बार में कृषि ऋण माफी का कांग्रेस को चुनाव के दौरान कोई लाभ नहीं हुआ। नाथ ने कहा कि जिन किसानों का कर्ज माफ किया गया है उन्हें फोन पर सूचित किया जाना चाहिए। 

मंत्रियों ने सुझाव दिया कि फोन कॉल पहले किए गए हैं और उन्हें फिर से कॉल करना आगे भ्रम पैदा कर सकता है। नाथ ने अधिकारियों को कृषि ऋण माफी की प्रक्रिया जारी रखने का निर्देश दिया। बजट में कृषि ऋण माफी के लिए धन का प्रावधान भी किया जाएगा। नाथ ने अधिकारियों से छूट प्रक्रिया की स्थिति के बारे में भी जानकारी मांगी। वित्त विभाग के अधिकारियों ने प्रावधान के बारे में नाथ को बताया। नाथ ने कहा कि कर्ज लेने वाले हर किसान को भरोसा दिया जाना चाहिए कि सरकार उसका कृषि ऋण माफ करेगी।