पहली लिस्ट के बाद विधायकों ने तेज की पत्नियों के लिए दावेदारी, दिग्गजों की टिकट पर संकट!

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भोपाल। लोकसभा चुनाव के लिए कांग्रेस ने मध्य प्रदेश में नौ सीटों का ऐलान कर दिया है| अब शेष 20 सीटों पर नामों का मंथन चल रहा है| इस बीच पहली सूची में खजुराहो से विधायक की पत्नी को टिकट दिए जाने के बाद अब कांग्रेस में अन्य विधायकों ने अपनी पत्नियों के लिए टिकट की मांग तेज कर दी है| जिससे उन सीटों पर अपनी टिकट फाइनल मान रहे नेताओं की मुश्किलें बढ़ गई है| वहीं पार्टी भी दबाव बढ़ा है| 

दरअसल, खजुराहो से कविता सिंह को टिकट दिया गया है। कविता सिंह राजनगर से विधायक कुंवर विक्रम सिंह नातीराजा की पत्नी हैं। इस टिकट के बाद पार्टी के कुछ अन्य विधायकों की पत्नियों की दावेदारी सामने आई है| सतना में सिद्धार्थ कुशवाह अपनी जिला पंचायत सदस्य पत्नी प्रीति तो खंडवा में कमलनाथ सरकार को समर्थन देने वाले निर्दलीय विधायक ठाकुर सुरेंद्र सिंह राणा भी अपनी पत्नी के लिए कोशिश में जुट गए हैं| वहीं खरगोन लोकसभा सीट से गृह मंत्री बाला बच्चन की पत्नी प्रवीणा बच्चन का नाम भी प्रमुख है। प्रवीणा के लिए खरगोन लोकसभा सीट के कुछ विधायकों ने पार्टी नेतृत्व को लिखकर भी दिया है। सतना लोकसभा सीट से पूर्व विधानसभा उपाध्यक्ष राजेंद्र सिंह का टिकट तय माना जा रहे हैं| तो वहीं उन्हें रोकने के लिए विधानसभा चुनाव के समय कांग्रेस पार्टी में प्रवेश करने वाले विधायक सिद्धार्थ कुशवाह आगे आए हैं। कुशवाह ने अपनी पत्नी को दिए जाने की मांग करते हुए एआईसीसी महासचिव व प्रदेश प्रभारी दीपक बाबरिया और मुख्यमंत्री कमलनाथ से चर्चा भी की है| उनकी पत्नी जिला पंचायत सदस्य हैं। कुशवाह ने भोपाल में पार्टी पदाधिकारियों से मुलाकात भी की। 

वहीं बुरहानपुर से कांग्रेस समर्थित निर्दलीय प्रत्याशी ठाकुर सुरेंद्र सिंह राणा शेरा भैया अपनी पत्नी को खंडवा लोकसभा सीट से चुनाव में उतारना चाह रहे हैं। इसके लिए वे दो महीने पहले से तैयारी कर रहे हैं। उन्होंने कांग्रेस नेताओं के सामने इस मांग को रखा भी था। वे खुलकर पूर्व प्रदेश अध्यक्ष और खंडवा से संभावित उम्मीदवार अरुण यादव का विरोध कर रहे हैं| वे निर्दलीय चुनाव लड़ाने की चेतावनी भी दे चुके हैं| वे खुद भी विधानसभा में निर्दलीय लड़े और कांग्रेस के वोट काटे और पूर्व मंत्री अर्चना चिटनीस को हरा भी दिया| सुरेंद्र सिंह अपनी पत्नी को निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में लोकसभा चुनाव में उतारते हैं तो कांग्रेस को नुकसान का सामना करना पड़ेगा|