भोपाल।

मध्यप्रदेश की कमलनाथ सरकार ने नगर पालिका नियम 2012 के नियमों संशोधन करते हुए नई दूर संचार ​नीति 2019 लागू की है।जिसके तहत अब सरकारी इमारतों की छत और जमीन पर भी मोबाइल टावर लगाए जा सकेंगे।हालांकि इस काम के लिए मोबइल कंपनियों को नगर निगम आयुक्त नहीं बल्कि कलेक्टर से अनुमति लेनी होगी। अभी निजी जमीन या छत पर टावर लगाए जा सकते हैं।इसके लिए कुछ गाइडलाइन तैयार की गई है जिनका कंपनियों को पालन करना होगा। नई दूर संचार ​नीति आज से ही पूरे प्रदेश में लागू कर दिया गया है।

इसके तहत प्रदेश में छह हजार नए मोबाइल टावर लगाए जाएंगें।इसके लिए नगर निगम आयुक्त नहीं, बल्कि कलेक्टर अनुमति देंगे। इस संबंध में जल्द ही सभी जिला कलेक्टर और निगम प्रशासन को निर्देश भेजा जाएगा।नगरीय विकास विभाग ने नियमों से जुड़े संशोधन 14 नवंबर से लागू कर दिए हैं। नई नीति से सरकारी अस्पतालों, स्कूलों और खेल मैदानों को दूर रखा गया है। अभी निजी जमीन या छत पर टावर लगाए जा सकते हैं।

नई नीति के अनुसार…

-टावर सरकारी जमीन, सार्वजनिक उपक्रम, विकास प्राधिकरण, नगर निगम, पालिका और आयोग की छतों या जमीन पर लगाए जा सकेंगे।

-कलेक्टर की मंजूरी, संस्थान की सहमति, कंसल्टेंट का सुरक्षा प्रमाण पत्र जरूरी होगा।

– नुकसान की संभावना होने पर 15 दिन पहले टेलीकॉम कंपनी को नोटिस देना होगा।

-टॉवर हटाने के अधिकार कलेक्टरों के पास रहेंगे। 

– संबंधित क्षेत्र में जमीन की गाइडलाइन के मूल्य के 20 फीसदी राशि जमा करना होगी।

-अभी पुराने नियमों में शुल्क 25 हजार से 1 लाख रुपए तक है।