लोकसभा चुनाव: कांग्रेस में टिकट के लिए दावेदारों की होड़, एक सीट पर दस से ज्यादा नाम

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भोपाल|  विधानसभा चुनाव में जीत के बाद लोकसभा की तयारी में जुटी कांग्रेस में टिकट के लिए दावेदारों की लाइन लगी हुई है| विधानसभा चुनाव में भी जो दावेदार टिकट न मिल पाने से निराश हो गए थे वो अब एक बार फिर लाइन में हैं|  हर सीट पर दस से अधिक दावेदार टिकट के लिए जोर लगा रहे हैं| प्रदेश की 29 लोकसभा सीटों के लिए 320 दावेदारों ने टिकट का दावा पेश किया है। लोगों का उत्साह देखकर पार्टी संगठन को लगने लगा है कि इस बार उनके हिस्से में अच्छी सीटें आ जाएंगीं। सबसे ज्यादा दावेदारी बैतूल लोकसभा सीट के लिए की गई है,वहीं बड़े शहरों में कई दावेदार खुद को जिताउ चेहरा मान रहे हैं। वहीं गुना,छिंदवाड़ा और रतलाम में ज्यादा दावेदार सामने नहीं आए।  यह कांग्रेस की कब्जे वाली सीट है जिसके चलते इन पर अभी कोई नया नाम सामने नहीं आया है| 

बैतूल लोकसभा सीट इस बार कांग्रेस नेताओं को जीत के लिहाज से आसान नजर आ रही है। इस सीट पर सबसे ज्यादा ३२ नेताओं ने आवेदन किया है। ये सीट आदिवासी वर्ग के लिए आरक्षित है। कांग्रेस की तरफ से आदिवासी नेता अजय शाह का दौड़ में सबसे आगे हैं। भोपाल सीट भले ही कांग्रेस के लिए दूर की कौड़ी हो लेकिन यहां भी दावेदारों की संख्या कम नहीं है। वहीं भोपाल में 15 दावेदारों ने टिकट मांगा है। भोपाल से कांग्रेस के कोषाध्यक्ष गोविंद गोयल, महामंत्री रवि सक्सेना, पूर्व महापौर विभा पटेल, अल्पसंख्यक नेता मुनव्वर कौसर टिकट चाहते हैं। कांग्रेस की पहुंच से बाहर रही इंदौर सीट में १२ दावेदारों के नाम सामने आए हैं। यहां से सत्यनारायण पटेल, अर्चना जायसवाल,शोभा ओझा, पंकज संघवी और अश्विन जोशी के नाम प्रमुखता से लिए जा रहे हैं। ग्वालियर में इस बार स्थितियां अनुकूल हैं इसलिए यहां से २२ नेताओं ने टिकट का आवेदन किया है।

कब्जे वाली सीटों पर नहीं कोई दावेदार 

गुना और छिंदवाड़ा लोकसभा सीट पर किसी ने दावेदारी नहीं की है। गुना से ज्योतिरादित्य सिंधिया, छिंदवाड़ा से नकुलनाथ का नाम तय है इसलिए यहां दावेदार सामने नहीं आए। रतलाम सीट पर भी कांतिलाल भूरिया उम्मीदवार रहेंगे फिर भी एक-दो आदिवासी नेताओं ने चुनाव लडऩे की इच्छा जाहिर की है। 

सर्वे के आधार पर तय होंगे उम्मीदवार : 

संगठन ने दावेदारों को साफ कर दिया है कि उम्मीदवार सिर्फ सर्वे के आधार पर ही तय होगा। जिताउ चेहरा छांटने के लिए तीन स्तर पर सर्वे कराए गए हैं। मुख्यमंत्री कमलनाथ और संगठन ने अलग-अलग सर्वे कराए हैं। इनके आलवा पार्टी अध्यक्ष राहुल गांधी ने भी सर्वे कराया है।