MP : सरकार बनने के बाद अब भी इन विधायकों को मंत्री पद ना मिलने की पीड़ा

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भोपाल।

भले ही कमलनाथ सरकार को 50  दिन पूरे हो गए हो लेकिन अब तक मंत्री पद ना मिलने से विधायकों की नाराजगी कम नही हुई है। आए दिन विधायकों का दर्द मीडिया और जनता के सामने छलक रहा है। हाल ही में पिछोर से विधायक केपी सिंह ने अपनी पीड़ा जनता के सामने ये कहकर व्यक्त की थी कि दो-दो बार चुनाव जीतकर आए 22 विधायकों को मंत्री बना दिए है। जबकि 4 से 5 बार चुनाव जीतने वालों को छोड़ दिया है। इसके पहले बसपा विधायक ने सरकार को चेतावनी दे दी थी। वही अन्य विधायकों का भी यही हाल है। करीब पांच-सात ऐसे विधायक है जिन्हें मंत्री पद की अब भी आस है।

दरअसल, कमलनाथ मंत्रिमंडल के विस्तार के बाद से ही कांग्रेस में घमासान मच गया था। मंत्री पद ना मिलने से विधायक नाराज हो उठे थे, हालांकि कमलनाथ द्वारा आश्वसन देने पर वे मान भी गए थे, लेकिन पचास दिन बीतने के बाद भी जब विधायकों को मंत्री पद नही मिला तो उनकी नाराजगी अब जनता के सामने निकलकर आ रही है। जहां बसपा विधायक ने कमलनाथ सरकार को चेतावनी दे रखी है  वही अन्य विधायक भी जनता के सामने अपना दुखड़ा रोने से पीछे नही हट रहे है। इनमें अनूपपुर से पांच बार के विधायक बिसाहूलाल सिंह, नागदा-खाचरौद से चार बार के विधायक दिलीप गुर्जर, सुमावली से चार बार के विधायक एंदलसिंह कंसाना और बदनावर से तीन बार के विधायक राजवर्धन सिंह शामिल है। इनमें केपी सिंह और बसपा विधायक रामबाई भी शामिल है।हालांकि इन सभी को उम्मीद है कि उन्हें मुख्यमंत्री कमलनाथ मंत्रिमंडल विस्तार में जगह जरूर देंगे।

केपी का कहना है कि दो-दो बार चुनाव जीतकर आए 22 विधायकों को मंत्री बना दिए है। जबकि 4 से 5 बार चुनाव जीतने वालों को छोड़ दिया है।  जिन लोगों को छोड़ दिए, स्वभाविक है उनको भी बुरा लगा होगा। बात सरकार गिराने तक की चल रही थी।  हमने क्या गलती है, हम भी चुनाव जीतकर आए थे।  नागदा-खाचरौद के विधायक दिलीप गुर्जर का कहना है कि वे उमा भारती की लहर में 2003 में निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में जीतकर विधायक बने और फिर 2008 में भी जब कांग्रेस के अधिकांश प्रत्याशी हार गए तो भी वे जीते। गुटों को मजबूत करने के बजाय पार्टी को मजबूत करने की रणनीति अपनाकर मंत्रिमंडल बनाना था। वही दिग्विजय सिंह समर्थक मुरैना के सुमावली से विधायक एंदलसिंह कंसाना का कहना है कि मेरी अधिकार की लड़ाई है। जब तक जिंदा हूं तब अधिकार के लिए लड़ूंगा। राजवर्धन सिंह का कहना है कि वे अपनी बात मुख्यमंत्री कमलनाथ, सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया और कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी से कह चुके है। 

इन विधायकों को मंत्री बनने की आस

केपी सिंह

रामबाई

एदेंल सिंह कंसाना

बिसाहूलाल सिंह

राज्यवर्धन सिंह

दिलीप गुर्जर

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