भोपाल।पूजा खोदाणी।
मध्यप्रदेश में एक के बाद हो रही विधायकों की मौत पर एक बार फिर विधानसभा के वास्तुदोष को लेकर सवाल उठना शुरु हो गए है। हाल ही में मुरैना जिले की जौरा विधानसभा सीट से कांग्रेस विधायक बनवारी लाल शर्मा का निधन हुआ था और आज सुबह आगर से विधायक मनोहर ऊंटवाल का निधन हो गया ।15 सालों में भाजपा सरकार के दौरान प्रदेश में 31 उप चुनाव हुए हैं और सरकार बनने के बाद फिर दो जौरा और आगर विधानसभा सीटों पर उपचुनाव की स्थिति बन गई है ।इन सब पर पूर्व मंत्री रामपाल सिंह का कहना है कि वास्तु दोष की बात भी पहले भी होती रही है निश्चित तौर पर इस पर भी विचार होना चाहिए।वही उन्होंने मनोहर ऊंटवाल के निधन पर शोक जताया।ऐसे में सवाल उठना लाजमी है कि क्या सरकार और विधानसभा सचिवालय इस गंभीर मुद्दे पर कोई एक्शन लेगी, क्या सचिनावलय विधानसभा में परिवर्तन करवाएगा।

दरअसल, बीते 15 साल में भाजपा सरकार के दौरान प्रदेश में 31 उप चुनाव हुए हैं। बहुत कम समय ऐसा रहा है जब विधानसभा सत्र में विधायकों की संख्या पूरी रही हो। एक बार फिर सदन में विधायकों की संख्या 228 हो गई। उपचुनाव का सिलसिला 2003 से शुरु हुआ जो अब तक जारी है। कांग्रेस सरकार बनने के बाद झाबुआ और छिंदवाड़ा में उप चुनाव हुए और अब जौरा और आगर विधानसभा सीट पर उपचुनाव होंगे।हालांकि झाबुआ और छिंदवाड़ा में नेताओं ने सीट छोडी थी।आज मीडिया से चर्चा करते हुए एक बार फिर बीजेपी नेता और पूर्व मंत्री रामपाल सिंह ने वास्तुदोष की बात दोहराई। रामपाल सिंह ने कहा कि वास्तु दोष की बात भी पहले भी होती रही है निश्चित तौर पर इस पर भी विचार होना चाहिए।सीताशरण शर्मा जी रोहाणी जी ने चिन्हित करके कुछ ऐसे अनुष्ठान करवाए थे और सभी लोग कामना करते हैं कि जो जनता के लिए काम करते हैं उन्हें जनता बड़े विश्वास के साथ निर्वाचित कर के प्रतिनिधि को भेजती है हमारे प्रतिनिधि सुरक्षित रहें संरक्षित रहें और इसलिए इस पर भी कुछ करना चाहिए। वही उन्होंने विधायक मनोहर ऊंटवाल के निधन पर शोक जताया ।

पहले भी उठ चुके है सवाल-विधानसभा में वास्तुदोष
लगातार हो रही विधायकों की मौतों पर कई बार विधानसभा में वास्तुदोष को लेकर सवाल उठ चुके है। बीते दिनों ही विधानसभा के विशेष सत्र के दौरान नेता प्रतिपक्ष गोपाल भार्गव ने कहा था विधानसभा भवन में कुछ ना कुछ कारण है जिसकी वजह से विधायकों की मौत हो रही है। काशी से विद्वान बुलाकर अनुष्ठान कराना चाहिए। वहीं, पूर्व विधानसभा अध्यक्ष सीताशरण शर्मा ने कहा उनके समय भी विधायकों को ऐसी आशंका थी कि मध्यप्रदेश की विधानसभा भवन में कोई ना कोई वास्तु दोष है। उन्होंने कहा कि उस समय विधानसभा में वास्तु दोष के लिए कुछ परिवर्तन भी कराए गए थे।

इन नेताओं की मौत पर उठी थी विधानसभा में दोष की बात
2016 में कांग्रेस नेता सत्यदेव कटारे की मौत और 2017 में  कांग्रेस विधायक प्रेम सिंह,  कांग्रेस विधायक महेंद्र सिंह कालूखेड़ा और विधायक रामसिंह यादव की मौत के बाद इस चर्चा ने जोर पकड़ा था। इससे पहले पिछोर विधायक केपी सिंह ने भी कहा था कि विधानसभा में वास्तु दोष का असर है, इसलिए हमारे विधायकों का निधन हो रहा है।

दिग्विजय सिंह ने कराया था यज्ञ
कांग्रेस की दिग्विजय सिंह के नेतृत्व वाली सरकार के समय भी वास्तु-दोष को दूर करने के लिए भवन में यज्ञ कराया गया था। इसमें तत्कालीन विधानसभा अध्यक्ष श्रीनिवास तिवारी शामिल हुए थे, इस पर मामला काफी विवादित हो गया था और चर्चा में रहा था। इसके बाद भाजपा सरकार में विधानसभा अध्यक्ष ईश्वरदास रोहाणी ने भी विधानसभा के अंदर वास्तु पूजा कराई थी।

16 सालों में अबतक इन सीटों पर हो चुके है उपचुनाव
2004 से जिन स्थानों पर उपचुनाव हुए हैं, वे हैं नोहटा, बालाघाट, बुधनी, बड़ा मल्हारा, पधाना, उदयपुरा, शिवपुरी, लांजी, समवेर, गोहद, तेंदूखेड़ा, सोमखेत, कुक्षी, जेब्रा, महेश्वर, विदिशा, बहोरीबंद, विजयराघौगढ़, आगर, गरोठ, देवास, मैहर, घोड़ाडोंगरी, नेपानगर, बांधवगढ़, अटेर, चित्रकूट, मुंगावली, छिंदवाड़ा और झाबुआ।