भोपाल।
एमपी उपचुनाव से पहले जहां कांग्रेस में गुटबाजी और अतंर्कलह चरम पर है वही बीजेपी में भी स्थिति ठीक नही है।नए मेहमानों को ज्यादा तवज्जों दिए जाने और पार्टी नेताओं को नजरअंदाज किए जाने से बीजेपी के वरिष्ठ लामबंद हो गए है।उपचुनाव से पहले बीजेपी में असंतुष्ट नेताओं का एक गुट बन गया है।उपचुनाव के बहाने सरकार और संगठन उपेक्षा को लेकर वरिष्ठ नेता लामबंद हुए है।

आज मंगलवार को बीजेपी के पूर्व राज्यसभा सांसद रघुनंदन शर्मा के निवास पर नाराज नेताओं की मीटिंग हुई। रघुनन्दन शर्मा के निवास पर पूर्व मंत्री अनूप मिश्रा, पूर्व मंत्री दीपक जोशी युवा मोर्चा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष धीरज पटेरिया सहित वीडियो कॉल से कई नाराज नेता जुड़े।9 अगस्त को एक बार फिर से नाराज नेताओं की मीटिंग होगी।

इस दौरान रघुनंदन शर्मा ने कहा कि सरकार और संगठन में संवाद हीनता बनी हुई है ।कई सीनियर नेताओं की अनदेखी हो रही है । संवाद हीनता की वजह से पहले मंत्रिमंडल में देरी हुई फिर विभागों के बंटवारे में देरी हुई अब संगठन में देरी हो रही है। उप चुनाव से पहले अनदेखी दूर करनी होगी .इन नेताओं को सक्रिय करना होगा।

पार्टी की चिंता में सब ने मंथन किया है ।कांग्रेस छोड़ बीजेपी में आए नेताओं को सरकार और संगठन में पद देने पर भी नाराजगी जताई ।कांग्रेस छोड़कर बीजेपी में आने वाले नेताओं को लेकर रघुनंदन शर्मा ने कहा कि जिस पार्टी का नेतृत्व भारत तेरे टुकड़े होंगे जैसे गैंग के साथ हो वहां लोग छोड़ कर ही आएंगे।

बता दे कि ज्योतिरादित्य सिंधिया और उनके समर्थकों के बीजेपी में शामिल होने और फिर मंत्रिमंडल में खास जगह मिलने के बाद से ही पार्टी में अतर्कलह का माहौल है। वरिष्ठ नेता लगातार अपनी नाराजगी जाहिर कर रहे है। कभी सोशल मीडिया के माध्यम तो कभी बयानों के माध्यम से पार्टी की धड़कने बढा़ई जा रही है।हालांकि पार्टी और संगठन लगातार डैमेज कंट्रोल में जुटा हुआ है, बावजूद इसके बीजेपी के घर में दरारें पड़ती नजर आ रही है। अब तक पार्टी के सामने अपनी बात रखने वाले नेता अब गुट बनाकर गुप्त बैठके कर रहे है औऱ रणनीतियां बना रहे है, अगर समय रहते इन्हें शांत नही किया गया तो, आने वाले दिनों में अपनों की नाराजगी बीजेपी को उपचुनाव में भारी पड़ सकती है।