MP उपचुनाव: पूर्व मंत्री का दावा-BJP में जल्द होगा एक बड़ा विस्फोट, सियासी हलचल तेज

भोपाल।

मध्यप्रदेश उपचुनाव (MP BY Election) से पहले बीजेपी (BJP) के वरिष्ठ नेताओं के लामबंद होने पर सियासी हलचल तेज हो गई है। विपक्ष ने इस मुद्दे का लाभ उठाकर सत्तापक्ष और बीजेपी पर हमला बोलना शुरु कर दिया है।पूर्व मंत्री और वरिष्ठ कांग्रेस विधायक सज्जन सिंह वर्मा (Former minister and senior Congress MLA Sajjan Singh Verma) ने तो यहां तक दावा कर दिया है कि एक बड़ा विस्फोट भारतीय जनता पार्टी में जल्दी होगा। वर्मा के इस दावे ने बीजेपी में खलबली मचा दी है, हालांकि बीजेपी द्वारा लगातार डैमेज को कंट्रोल करने की कोशिश की जा रही है।लेकिन उपचुनाव से पहले वर्मा के इस बयान ने सियासत गर्मा दी है, वही कयासों का दौर  लगना शुरु हो गया है कि आगे क्या होगा।

ट्वीटर के माध्यम से सज्जन सिंह ने दावा किया है कि बीजेपी में कई नेता खुद को उपेक्षित महसूस कर रहे है, जो लोग खुद को दरकिनार महसूस कर रहे हैं उन्होंने पार्टी को बहुत कुछ दिया है।छोटे पौधे को सींच कर वटवृक्ष बनाने वाले खुद को उपेक्षित महसूस कर रहे है।आज बीजेपी में कई नेताओं का दर्द सुनने वाला कोई नही। एक बड़ा विस्फोट भारतीय जनता पार्टी में जल्दी होगा।वही एमपी कांग्रेस ने ट्वीट कर लिखा है कि बीजेपी में बड़े विस्फोट की तैयारी है। कार्यकर्ताओं का अपमान बीजेपी को भारी पड़ेगा ।विधायक ख़रीदकर सरकार बनाने और राजनैतिक नियुक्तियों में बिकाऊ को ही स्थान देने की तैयारी के बाद बीजेपी के निष्ठावान कार्यकर्ताओं ने पार्टी बचाने का अभियान शुरू किया है।शिवराज अब अनैतिकता का प्रतीक हैं।

दरअसल, उपचुनाव के बहाने सरकार और संगठन उपेक्षा को लेकर वरिष्ठ नेता लामबंद हो गए है। मंगलवार को बीजेपी के पूर्व राज्यसभा सांसद रघुनंदन शर्मा के निवास पर नाराज नेताओं की मीटिंग हुई। रघुनन्दन शर्मा के निवास पर पूर्व मंत्री अनूप मिश्रा, पूर्व मंत्री दीपक जोशी युवा मोर्चा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष धीरज पटेरिया सहित वीडियो कॉल से कई नाराज नेता जुड़े थे।9 अगस्त को एक बार फिर से नाराज नेताओं की मीटिंग होगी।इस दौरान रघुनंदन शर्मा ने कहा कि सरकार और संगठन में संवाद हीनता बनी हुई है ।कई सीनियर नेताओं की अनदेखी हो रही है ।जिस पार्टी का नेतृत्व भारत तेरे टुकड़े होंगे जैसे गैंग के साथ हो वहां लोग छोड़ कर ही आएंगे। संवाद हीनता की वजह से पहले मंत्रिमंडल में देरी हुई फिर विभागों के बंटवारे में देरी हुई अब संगठन में देरी हो रही है। उप चुनाव से पहले अनदेखी दूर करनी होगी।इन नेताओं को सक्रिय करना होगा।पार्टी की चिंता में सब ने मंथन किया है।