एमपी कोरोना ऑडिट रिपोर्ट में बड़ा खुलासा हुआ

भोपाल। मध्यप्रदेश (madhypradesh) में कोरोना काल (Corona era) मे सरकारी तंत्र की जो गम्भीरता होना चाहिए थी वो नही दिखी इस बात का खुलासा कोरोना ऑडिट रिपोर्ट के बाद हुआ है

दरअसल, प्रधानमंत्री मोदी से वीडियो कांफ्रेंस के दौरान सीएम शिवराज सिंह चौहान ने यह बात कही थी मध्यप्रदेश में कोरोना केस का विश्लेषण किया जाएगा,ताकि वास्तविकता में पता किया जा सके कि प्रदेश की स्तिथि स्वस्थ के लिहाज से क्या है..हालांकि इस रिपोर्ट के बाद चोकाने वाला खुलासा हुआ है ।जिसमे देखने मे आया कि कोरोना को लेकर सरकार तंत्र ने गम्भीरता नही दिखाई है.. लेकिन सभी के बीच डबलिंग रेट कोरोना ग्रोथ रेट,और मरीजो की रिकवरी रेट में मध्यप्रदेश अन्य राज्यो की तुलना में बहुत आगे है

प्रदेश में कोरोना से मरने वालों का आकंड़ा देखे तो साफ नजर आता है कि जो गंभीरता उच्च नेतृत्व ओर विभाग ने दिखाई वो निचले तंत्र ने नही दिखाई जिसके चलते मरने वालों की संख्या 500 से ज्यादा हो गई है इसमे यह बात सामने आई कि मरने वालों में कई जगह लापरवाही की गई है.. डेथ ऑडिट रिपोर्ट में यह भी कहा गया कि हाई रिस्क वाले मरीजो की स्क्रीनिंग न करने वही लक्षण होने के बावजूद सैंपल नही लिए गए। फैसिलिटी स्तर पर ऑडिट में ये पाया गया कि अस्पताल में रहने की अवधि भी मौत के फैक्टर में मैटर करती है.हालांकि इन सभी के बीच डबलिंग रेट कोरोना ग्रोथ रेट,और मरीजो की रिकवरी रेट में मध्यप्रदेश अन्य राज्यो की तुलना में बहुत आगे है।