खरीदी केन्द्र पर किसान की हार्ट अटैक से मौत, नाथ बोले-ये है सरकार की जमीनी हकीकत

भोपाल।
आगर मालवा में खरीदी केन्द्र पर किसान की मौत के बाद सियासत गर्मा गई है, जहां जिले के किसानों में आक्रोश है वही पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने शिवराज सरकार को जमकर घेरा है।नाथ ने एक के बाद एक कई ट्वीट कर एक के बाद एक कोरोना संकटकाल में खरीदी केन्द्रो पर हो छलक रहे प्रदेश के किसानों के दर्द को बताया है।नाथ ने लिखा है कि ख़रीदी की अव्यवस्थाओं से हुए तनाव से इस किसान की जान चली गयी।इसकी ज़िम्मेदार सरकार व उसकी नीतिया है।सरकार सिर्फ़ झूठे दावे में लगी हुई है , ज़मीनी धरातल पर स्थिति विपरीत है।सरकार इस मृत किसान के परिवार की हरसंभव मदद करे व इस किसान की मौत के ज़िम्मेदारों पर कड़ी से कड़ी कार्यवाही हो।

कमलनाथ ने ट्वीट कर लिखा है कि शिवराज जी , आप समर्थन मूल्य पर गेहूँ ख़रीदी के भले बड़े-बड़े दावे करे , ख़ूब आँकड़े जारी करे लेकिन सच्चाई इसके विपरीत है।आज किसान भाइयों को अपनी उपज बेचने के लिये काफ़ी परेशानियो का सामना करना पड़ रहा है।उपार्जन केंद्रो पर कही बारदान की कमी है , कही तुलाई की व्यवस्था नहीं है , कई परिवहन नहीं होने से काम बंद पड़ा है ,किसानो को एसएमएस भेजकर बुलाया लिया जाता है। चार-चार दिन भीषण गर्मी में किसान अपनी उपज बेचने के लिये भूखा प्यासा कई किलोमीटर लंबी लाइन में लगा हुआ है , उनकी कोई सुध लेने वाला नहीं है।

आगे कमलनाथ ने लिखा है कि आगर – मालवा में मलवासा के एक किसान प्रेम सिंह की इसी परेशानियो व अव्यवस्थाओं से दुखद मौत हो गयी।इस किसान को 19 मई को उसकी उपज को लेकर झलारा उपार्जन केन्द्र पर बुलाया गया था।चार दिन इंतज़ार के बाद उसके उपार्जन केन्द्र को परिवर्तित कर उसे तनोड़िया बुलाया गया।25 मई को 6 दिन बाद जब उसका नंबर आया , तभी अपनी फ़सल बेचने को लेकर भीषण गर्मी में निरंतर भटक रहे ,तनाव झेल रहे किसान प्रेम सिंह की दुःखद मृत्यु हो गयी।

नाथ ने आगे लिखा है कि ख़रीदी की अव्यवस्थाओं से हुए तनाव से इस किसान की जान चली गयी।इसकी ज़िम्मेदार सरकार व उसकी नीतिया है।ऐसे ही कई किसान निरंतर परेशानियो का सामना कर रहे है , अपनी उपज बेचने के लिये निरंतर भटक रहे है , तनाव झेल रहे है।सरकार सिर्फ़ झूठे दावे में लगी हुई है , ज़मीनी धरातल पर स्थिति विपरीत है।सरकार इस मृत किसान के परिवार की हरसंभव मदद करे व इस किसान की मौत के ज़िम्मेदारों पर कड़ी से कड़ी कार्यवाही हो।

पूर्व कृषि मंत्री ने भी सरकार पर बोला हमला

आगर – मालवा में खरीदी पर हुई किसान की मौत पर पूर्व कृषि मंत्री  सचिन यादव ने भोपाल में मीडिया से बात करते हुए शिवराज सिंह सरकार को घेरा। यादव ने कहा किसान शिवराज सरकार की उपार्जन केंद्रों पर फैली अव्यवस्थाओं के कारण किसान प्रेमसिंह की मौत हुई है इसके लिए भाजपा सरकार जिम्मेदार है।कांग्रेस के बार बार कहने पर भी उपार्जन केंद्रों पर फैल रही अव्यवस्थाओं पर कोई सरकार ने ध्यान नही दिया ।शिवराज सरकार की बड़े बड़े दावों की पोल खुल गई है, उपार्जन केंद्रों पर 5-6 किमी ट्रेक्टर की लंबी लाइनें लगी हुई है, छांव की उचित व्यवस्था नहीं है, बारदाने – तुलाई काटों की भारी कमी है ।

दरअसल, आगर मालवा के तनोडिया स्थित खरीदी केंद्र का है। यहां मलवासा गांव के रहने वाले किसान प्रेम सिंह को मोबाइल पर मैसेज आया कि वो 19 मई को अपनी उपज लेकर झलारा स्थित खरीदी केंद्र पहुंचे, लेकिन बदइंतजामी के चलते 2 दिन इंतजार करता रहा पर गेहूं की खरीदी नहीं हुई। इसके बाद उसे तनोडिया स्थित खरीदी केंद्र जाने को कहा गया, वहां भी वो पूरे 4 दिन इंतजार करता रहा। किसान बेहद परेशान हो चुका था। जब सोमवार 25 मई को आखिरकार उसकी उपज की तौल की जा रही थी,तो किसान प्रेम सिंह को हार्ट अटैक आ गया। जिससे उसकी मौत हो गई।