MP : यहां ‘कर्जमाफी’ नहीं चाहते किसान, यह है मांग

MP--Farmers-do-not-want-'debt-waiver'-here

भोपाल

मध्य प्रदेश में कांग्रेस ने सरकार बनते ही कर्ज माफी की घोषणा की थी, जिसे अब सरकार अमल में ला रही है। किसानों से ‘जय किसान ऋण मुक्ति योजना’ के तहत फॉर्म भरवाए जा रहे है। लेकिन मध्यप्रदेश के रायसेन जिले में करीब 800  किसानों ने ऋण माफी की योजना का लाभ लेने से इंकार कर दिया है। किसानों का कहना है कि जब हमने कर्ज लिया ही नही तो कर्जमाफी कैसी। अगर हमने फॉर्म भर भी दिया तो इसका हमें लाभ ना मिलकर सीधा शासन को मिलेगा, जैसे 2009  में हुआ था। पहले सरकार गगनबाड़ा सहकारी समिति में हुए गबन की जांच करवाए फिर कर्जमाफी की बात करे।बताते दे कि यह प्रदेश का पहला मामला है। वही किसानों के इस रवैया से कांग्रेस में हड़कंप मच गया है।

दरअसल, वर्ष 2009 में सेवा सहकारी संस्था गगनबाड़ा में फर्जी तरीके से तत्कालीन प्रबंधक द्वारा कृषकों के नाम पर ऋण निकाला गया था। फर्जी ऋण निकालने की प्रक्रिया वर्ष 2004 से जारी थी। वर्ष 2007 की कर्जमाफी में उन फर्जी ऋणों को समायोजित भी किया गया था, जिसकी शिकायतें ईओडब्ल्यू डीआर, कलेक्टर रायसेन, विधायक और सांसद तक की है। लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। जिन किसानों के नाम से फर्जी ऋण निकाला गया उनकी संख्या लगभग 800 बताई जा रही है। वहीं इनके नाम पर करीब साढ़े 4 करोड़ के ऋण बताए जा रहे हैं। गगनबाड़ा सेवा सहकारी संस्था में फर्जी ऋण घोटाला होने के बाद से अभी तक यह संस्था बंद है।  अब संस्था के संचालन के लिए नए प्रबंधक को जिम्मेदारी सौंपी गई। केवल यहां उचित मूल्य की दुकान एवं गेहूं खरीदी केंद्र का संचालन किया जा रहा है, लेकिन जिन किसानों पर फर्जी ऋण बकाया है उन्हें आज तक न्याय नहीं मिल पाया। जिसके चलते जिले के गगनबाड़ा, करमबाड़ा, सेमरी टिप्पा, खपड़िया खुर्द के करीब 800 किसानों ने ऋण योजना का लाभ लेने से इंकार कर दिया है।

किसानों का आरोप है कि समिति ने हमारे नाम पर कर्ज लिया और हस्ताक्षर कर पूरी राशि निकाल ली। अगर हम फिर से फॉर्म भरेंगें तो पैसा हमें नही मिलेगा सीधा शासन के पास चला जाएगा। किसानों ने मांग कि है कि पहले समिति द्वारा किए गए गबन की जांच की जाए , तभी इस योजना का वास्तविक लाभ किसानों को मिल सकेगा अन्यथा फिर से यह पैसा किसानों को ना मिल अधिकारियों और शासन को मिल जाएगा। ऐसे में हमारे आवेदन देने का कोई मतलब नही निकलेगा। किसानों ने सरकार को चेतावनी देते हुए कहा है जब तक समिति मामले की जांच नही हो जाती और करोड़ों के गबन की असलियत सबके सामने नही आ जाती तब तक हम ऋण माफी योजना का लाभ नही लेंगें।