MP News : अतिथि शिक्षकों को सीएम शिवराज का तोहफा, मानदेय डबल, अनुबंध-आरक्षण पर भी बड़ा ऐलान, बोले- नियमित करने पर होगा विचार

MP News : मप्र विधानसभा चुनाव से पहले सीएम शिवराज ने सौगातों का पिटारा खोल रखा है, आज उनके इस पिटारे से अतिथि शिक्षकों के लिए तोहफे निकले, भोपाल में आयोजित अतिथि शिक्षक पंचायत में मुख्यमंत्री ने कई घोषणाएं की, उन्होंने ना सिर्फ अतिथि शिक्षकों के मानदेय को डबल करने की घोषणा की बल्कि इसे पीरिएड के हिसाब से हटाकर मासिक आधार पर कर दिया।

अतिथि शिक्षकों के योगदान को भुलाया नहीं जा सकता : शिवराज 

मुख्यमंत्री ने लाल परेड मैदान भोपाल में आयोजित अतिथि शिक्षक पंचायत को संबोधित करते हुए कहा कि अतिथि शिक्षकों के योगदान को मैं कभी भुला नहीं सकता। जब नियमित शिक्षक नहीं थे तब अतिथि शिक्षक के रूप में आपको पढ़ाने का दायित्व सौंपा गया और मुझे यह कहते हुए प्रसन्नता है कि अतिथि शिक्षकों ने पूरी कर्तव्यनिष्ठा के साथ अपने दायित्व का निर्वाह किया।

आपने बच्चों की भविष्य बनाया हम आपके भविष्य की चिंता करेंगे : सीएम 

शिवराज ने कहा कि आप वो हैं जिन्होंने हमारी शिक्षा की गाड़ी को आगे बढ़ाया, बच्चों को आप लगातार गांव गांव जाकर पढ़ाते रहे, मैं हृदय से आपको धन्यवाद देता हूँ, मैं ये अपनी ड्यूटी मानता हूँ कि जिन लोगों ने जी जान से अपनी सामर्थ्य और अपनी क्षमता के अनुरूप को विद्या का दान दिया उनकी जिंदगी भी बेहतर की जाये अनिश्चित्तता के भंवर में वो लगातार लटके ना रहें इसलिए हम आज ये फैसला ले रहे हैं ।

अतिथि शिक्षक पंचायत में सीएम की बड़ी घोषणाएं

  •  अतिथि शिक्षकों के मानदेय में वृद्धि
  • अतिथि शिक्षकों को अब महीने के हिसाब से मानदेय की व्यवस्था होगी
  • वर्ग-1 में 9 हजार की जगह अब 18 हजार मिलेगा मानदेय
  • वर्ग-2 में 7 हजार की जगह अब 14 हजार मानदेय
  • वर्ग -3 में 5 हजार की जगह अब 10 हजार मानदेय मिलेगा
  • अतिथि शिक्षकों का अनुबंध पूरे एक साल का होगा।
  • शिक्षक भर्ती में अतिथि शिक्षिकों को 25% की जगह 50% आरक्षण मिलेगा।
  • उच्च शिक्षा विभाग के अनुसार अतिथि शिक्षकों को प्रतिवर्ष 4 और अधिकतम 20 अंक बोनस मिलेंगे।
  • महीने की निश्चित तारीख को मानदेय मिलने की व्यवस्था की जाएगी।
  • पात्रता परीक्षा लेकर अतिथि शिक्षकों को नियमित करने की दिशा में योजना बनाई जाएगी।


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Atul Saxena

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पत्रकारिता मेरे लिए एक मिशन है, हालाँकि आज की पत्रकारिता ना ब्रह्माण्ड के पहले पत्रकार देवर्षि नारद वाली है और ना ही गणेश शंकर विद्यार्थी वाली, फिर भी मेरा ऐसा मानना है कि यदि खबर को सिर्फ खबर ही रहने दिया जाये तो ये ही सही अर्थों में पत्रकारिता है और मैं इसी मिशन पर पिछले तीन दशकों से ज्यादा समय से लगा हुआ हूँ.... पत्रकारिता के इस भौतिकवादी युग में मेरे जीवन में कई उतार चढ़ाव आये, बहुत सी चुनौतियों का सामना करना पड़ा लेकिन इसके बाद भी ना मैं डरा और ना ही अपने रास्ते से हटा ....पत्रकारिता मेरे जीवन का वो हिस्सा है जिसमें सच्ची और सही ख़बरें मेरी पहचान हैं ....

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