MP News : 15 जुलाई से शुरू होगा पौधरोपण अभियान, दो महीनों में नगरीय क्षेत्रों में लगाये जायेंगे 1 करोड़ 75 लाख पौधे

अभियान में छायादार और औषधीय प्रजाति के पौधों का चयन करने को कहा गया है। सजावटी एवं हेज प्लांट का उपयोग नहीं होगा। निकायों द्वारा किये जाने वाले पौधरोपण की सुरक्षा का उचित प्रबंध करने को भी कहा गया है। निश्चित अंतराल एवं आवश्यकतानुसार पानी देने की व्यवस्था के भी निर्देश हैं।

Atul Saxena
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MP News : मध्य प्रदेश को हरा भरा करने के लिए के बार फिर सरकार ने पौधरोपण अभियान चलाने का फैसला किया है, सरकार ने निर्णय लिया है कि प्रदेश के सभी नगरीय क्षेत्रों में 15 जुलाई से 15 सितम्बर तक व्यापक पौधरोपण अभियान चलाया जायेगा। इस दौरान शहरी क्षेत्रों में एक करोड़ 75 लाख पौधों को रोपा जायेगा।

 नगरीय क्षेत्रों में दो महीने चलेगा पौधरोपण अभियान  

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने पौधरोपण को बढ़ावा देने के निर्देश दिये हैं। इस उद्देश्य से नगरीय क्षेत्र में पूरे 2 माह पौधरोपण अभियान चलेगा। राज्य शासन ने नगरीय विकास एवं आवास विभाग से सभी कलेक्टर्स को निर्देश जारी किये हैं। सभी जिला कलेक्टर के नेतृत्व में अन्य विभागों के साथ मिलकर पौधरोपण अभियान चलाया जाएगा। वर्षाकाल में अधिक से अधिक पौधरोपण करने के निर्देश दिये गये हैं।

नगरीय निकायों को इतने पौधे लगाने का लक्ष्य 

नगर निगम इंदौर एवं भोपाल में 15-15 लाख, नगर निगम ग्वालियर, जबलपुर, उज्जैन में 10-10 लाख और शेष 11 नगर निगम में 5-5 लाख पौधे रोपे जायेंगे। इसी प्रकार एक लाख एवं इससे अधिक जनसंख्या की 17 नगर पालिकाओं में एक-एक लाख, एक लाख से कम जनसंख्या की 82 नगर पालिका में 15-15 हजार और 298 नगर परिषद में 10-10 हजार पौधे लगाये जायेंगे।

कहाँ कहाँ किया जा सकेगा पौधरोपण 

नगरीय निकायों द्वारा पौधरोपण का कार्य नगरीय निकाय की स्वयं की हरित क्षेत्र के लिये आरक्षित भूमि, अन्य शासकीय भूमि तथा निजी कॉलोनियों में हरित क्षेत्र के लिये आरक्षित भूमि में किया जाएगा। निजी कॉलोनियों में पौधरोपण जन-सहयोग से होगा। निकाय द्वारा पौधों की आपूर्ति नगरीय निकाय एवं वन विभाग की नर्सरी तथा स्थानीय रूप से उपलब्ध पौधों से की जायेगी।

छायादार और औषधीय प्रजाति के पौधों का ही करना होगा चयन

अभियान में छायादार और औषधीय प्रजाति के पौधों का चयन करने को कहा गया है। सजावटी एवं हेज प्लांट का उपयोग नहीं होगा। निकायों द्वारा किये जाने वाले पौधरोपण की सुरक्षा का उचित प्रबंध करने को भी कहा गया है। निश्चित अंतराल एवं आवश्यकतानुसार पानी देने की व्यवस्था के भी निर्देश हैं। पौधों की निगरानी एवं रख-रखाव में निकाय द्वारा गैर सरकारी संस्थाओं और आम नागरिकों से सहयोग लेने की अपेक्षा की गई है।

किस विभाग की क्या रहेगी जिम्मेदारी 

पौधरोपण कार्य वन, उद्यानिकी तथा नगरीय निकाय के स्वयं की उद्यानिकी शाखा के तकनीकी मार्ग दर्शन में किया जायेगा। अभियान में स्मृति वन, नक्षत्र वन, संस्कृति वन विकसित करने को प्रोत्साहित करने को कहा गया है। निकायों द्वारा वाटर ट्रीटमेंट प्लांट, सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट तथा सांइन्टिफिक लैंडफिल परिसर में पौधरोपण का कार्य अनिवार्य रूप से करने को कहा गया है। साथ ही जन-अभियान परिषद, स्वयंसेवी संस्थाओं, स्व-सहायता समूह, एनएसएस, एससीसी तथा स्कूल, कॉलेज के छात्र-छात्राओं को भी इस अभियान से जोड़ने के निर्देश दिये गये हैं।

वर्तमान में नगरीय निकायों में अमृत 2.0 योजना अंतर्गत हरित क्षेत्रों का विकास कार्य प्रचलित है। पौधरोपण अभियान में वित्तीय व्यवस्था अमृत 2.0 योजना अंतर्गत उपलब्ध राशि, नगरीय निकाय में उपलब्ध स्वयं के स्त्रोत से तथा जन-सहयोग से की जायेगी। इसके अलावा भी प्रति वर्ष नगरीय निकायों द्वारा वर्षाकाल पौधरोपण का कार्य किया जाता है।


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पत्रकारिता मेरे लिए एक मिशन है, हालाँकि आज की पत्रकारिता ना ब्रह्माण्ड के पहले पत्रकार देवर्षि नारद वाली है और ना ही गणेश शंकर विद्यार्थी वाली, फिर भी मेरा ऐसा मानना है कि यदि खबर को सिर्फ खबर ही रहने दिया जाये तो ये ही सही अर्थों में पत्रकारिता है और मैं इसी मिशन पर पिछले तीन दशकों से ज्यादा समय से लगा हुआ हूँ.... पत्रकारिता के इस भौतिकवादी युग में मेरे जीवन में कई उतार चढ़ाव आये, बहुत सी चुनौतियों का सामना करना पड़ा लेकिन इसके बाद भी ना मैं डरा और ना ही अपने रास्ते से हटा ....पत्रकारिता मेरे जीवन का वो हिस्सा है जिसमें सच्ची और सही ख़बरें मेरी पहचान हैं ....

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