MP News : लोकायुक्त के छापे में करोड़पति निकली सब इंजीनियर हेमा मीणा बर्खास्त

Atul Saxena
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Sub engineer Hema Meena dismissed : लोकायुक्त पुलिस के छापे में अकूत सम्पति की मालकिन निकली पुलिस हाउसिंग कारपोरेशन की सब इंजीनियर संविदा (प्रभारी असिस्टेंट इंजीनियर) के खिलाफ शासन ने बड़ा फैसला लिया है, पुलिस हाउसिंग कारपोरेशन ने उसे नौकरी से बर्खास्त कर दिया है।

मप्र पुलिस हाउसिंग कारपोरेशन भोपाल में पदस्थ संविदा सब इंजीनियर (प्रभारी असिस्टेंट इंजीनियर ) हेमा मीणा के तीन ठिकानों पर लोकायुक्त पुलिस ने कल गुरुवार को एक साथ छापा मार कार्यवाही की थी। इस कार्यवाही में लोकायुक्त पुलिस को भोपाल, विदिशा और रायसेन में संपतियां, 20 हजार वर्ग फीट में बना फॉर्म हाउस, बड़े बड़े मकान, कृषि भूमि, कृषि उपकरण सहित आलीशान लक्जरी उपभोग की वस्तुएं मिली थी।

लोकायुक्त पुलिस को हेमा मीणा के पास से 100 विदेशी नस्ल के कुत्ते, अच्छी नस्ल की 36 गाय, डेयरी और भी बहुत कुछ मिला था , लोकायुक्त की टीम को हेमा मीणा के घर 30 लाख रुपये का एक बड़ा एडवांस तकनीक वाला टीवी भी मिला , जिसे देखकर सभी अधिकारियों की आँखें और दिमाग चकरा गया कि मात्र 30 हजार रुपये का वेतन पाने वाल शासकीय सेवक इतनी अकूत संपत्ति कैसे अर्जित कर सकता है?

लोकायुक्त पुलिस ने जो अभी आंकलन किया है इसके हिसाब से हेमा मीणा की अभी कुल 7 करोड़ रुपये की संपत्ति सामने आई है जो उनकी वास्तविक आय से करीब 232 प्रतिशत ज्यादा है, जबकि अभी बैंक के लॉकर, बैंक एकाउंट चैक करना बाकी है। इस कार्यवाही के बाद पुलिस हाउसिंग कारपोरेशन के अधिकारियों के भी कान खड़े ही और आज विभाग ने हेमा मीणा को नौकरी से बर्खास्त कर दिया।

मप्र पुलिस  हाउसिंग कारपोरेशन के प्रबंध संचालक उपेन्द्र जैन के हस्ताक्षर से जारी आदेश में कहा गया है कि जो आचरण हेमा मीणा ने प्रदर्शित किया है वो कदाचरण और संविदा की शर्तों के उल्लंघन की श्रेणी में आता है इसलिए उनकी सेवाएं तत्काल प्रभाव से समाप्त की जाती हैं।

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पत्रकारिता मेरे लिए एक मिशन है, हालाँकि आज की पत्रकारिता ना ब्रह्माण्ड के पहले पत्रकार देवर्षि नारद वाली है और ना ही गणेश शंकर विद्यार्थी वाली, फिर भी मेरा ऐसा मानना है कि यदि खबर को सिर्फ खबर ही रहने दिया जाये तो ये ही सही अर्थों में पत्रकारिता है और मैं इसी मिशन पर पिछले तीन दशकों से ज्यादा समय से लगा हुआ हूँ.... पत्रकारिता के इस भौतिकवादी युग में मेरे जीवन में कई उतार चढ़ाव आये, बहुत सी चुनौतियों का सामना करना पड़ा लेकिन इसके बाद भी ना मैं डरा और ना ही अपने रास्ते से हटा ....पत्रकारिता मेरे जीवन का वो हिस्सा है जिसमें सच्ची और सही ख़बरें मेरी पहचान हैं ....

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