प्रदेश में सरकारी ‘आवास’ का टोटा, 43 विधायकों को नोटिस

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भोपाल। नतीजों से पहले नई सरकार को लेकर तैयारियां जोरों पर है। विधानसभा सचिवालय भी नए विधायकों के लिए तैयारियों में जुट गया है। टिकट कटने से दुखी सिटिंग विधायकों के लिए अब एक मुश्किल खड़ी हो गई है| आवास की कमी के चलते विधानसभा चुनाव न लड़ने वाले विधायको को विधानसभा सचिवालय ने आवास खाली करने का नोटिस जारी किया है। प्रदेश में सरकारी आवास का टोटा है, जिसके चलते आये दिन चर्चा गरमाई रहती है| 

11 दिसंबर को मतगणना के बाद नई विधानसभा के गठन की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी। विधानसभा का पहला सत्र भी इसी माह होगा। इस प्रथम सत्र में विधायकों का शपथ ग्रहण होगा। जिसके चलते विधानसभा सचिवालय नए विधायकों के आवास के इंतजाम में जुट गया है और पुरानों को आवास खाली करने को कहा है। इसके अलावा नतीजों के बाद जो चुनाव में हार जाएंगें उन्हें भी अपना आवास खाली करना होगा। वही विधानसभा ने प्रदेश सरकार को पत्र लिखकर कहा है कि नवागत विधायकों को ठहराने के लिए रेस्ट हाउस सहित होटलों में भी कमरे बुक कराए जाएं। 


इन्हें दिया है नोटिस 

महरबान सिंह रावत 

सत्यपाल सिंह सिकरवार 

मुकेश चतुर्वेदी

प्रदीप अग्रवाल 

घनश्याम पिनोरिया 

शकुंतला खटीक 

पन्नालाल शाक्य

पारुल साहू 

केके श्रीवास्तव 

अनिता नायक 

आरडी प्रजापति 

उमादेवी खटीक

मेहन्द्र सिंह 

रमाकान्त तिवारी 

राजेन्द्र मेश्राम

प्रमिला सिंह 

मनोज कुमार अग्रवाल

मोती कश्यप 

पंडित सिंह धुर्वे

कमल मर्सकोले

गोविंद सिंह पटेल

नाथनशाह कवरेती

जतन उइके

चंद्रशेखर देशमुख

चेतराम मानेकर

गोवर्धन उपध्य्याय

मंगल सिंह धुर्वे

कल्याण सिंह ठाकुर

गोपाल परमार 

जसवंत सिंह हाड़ा 

चंपालाल देवड़ा

लोकेंद्र सिंह तोमर

वेलसिंह भूरिया 

कालू सिंह ठाकुर